- टूटते पारिवारिक रिश्ते ने सर्राफ की ले ली जान
- मां, बाप और भाई के अलग रास्ते, पत्नी से तलाक, तनाव में था सुभाष
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: देहलीगेट थानांतर्गत ठठेरवाड़ा में जिस सर्राफ ने गोली मारकर खुद की जान ली थी, उसकी जिंदगी बाहर वालों के बजाय घर वालों ने खराब कर दी थी। टूटते पारिवारिक रिश्तों के कारण उसको जिंदगी दूभर लगने लगी थी और जब उसे जिंदगी में अंधेरा दिखाई देने लगा तो उसने गोली मारकर जान दे दी।

मृतक के भांजे ने पुलिस को लिखित में जानकारी दी कि पारिवारिक तनाव के कारण उसके सुभाष मामा ने गोली मारकर सुसाइड किया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर पहुंचा, तब उसका अंतिम संस्कार ब्रजघाट पर कर दिया गया।
सर्राफ सुभाष वर्मा की 10 साल पहले पत्नी से अनबन हो गई थी। पत्नी से तलाक के बाद अपने दो बच्चों को लेकर बेगमबाग में रह रही थी। इस मकान में मृतक के बड़े भाई का बेटा भी रहता है। सुभाष को हर महीने अपनी पत्नी को खर्चे के पैसे देने पड़ते थे। वैसे पत्नी त्योहारों पर अपने बच्चों को पापा से मिलवाने लाती थी, लेकिन इस बार पत्नी के न आने पर वो परेशान रहने लगा था।
इंस्पेक्टर देहलीगेट ऋषिपाल सिंह ने बताया कि मृतक के परिवार में तनाव चल रहा था। बड़े भाई की बीमारी के कारण पहले मौत हो चुकी थी। पिता पहले मृतक सुभाष के पास रहते थे, लेकिन बाद में दूसरा भाई अतुल अपने पास लेकर चला गया था। बहन को पति ने छोड़ दिया था और वो सुभाष और मां के साथ रहती है।
इस परिवार के पास तीन मकान बेगमबाग, कच्ची सराय और ठठेरवाड़ा में है। कुछ दिनों पहले बड़े भाई अतुल ने मां और भाई के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवाया था। पुलिस ने बताया कि सुभाष का बिजनेस भी नहीं चल रहा था। चारों तरफ से तनाव से घिरे होने के कारण उसने सुसाइड कर लिया।

