जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नई टाउनशिप बसाने के लिए किसानों से जमीन क्रय करने के बाद दिए भुगतान में से बीस प्रतिशत आयकर लेने को लेकर बागापत सांसद डा. राजकुमार सांगवान ने ने केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन से मिले। डा. सांगवान ने उन्हें पत्र भी दिया। इसमें उन्होंने बताया कि किसानों की भूमि अधिग्रहण के मूल्य का भुगतान उन्हें नियमानुसार किया जा रहा है। यह खरीद प्रक्रिया सीधे विकास प्राधिकरणों एवं किसानों के बीच सम्पन्न हो रही है। किसान विकास प्राधिकरणों के नाम अपनी जमीन की रजिस्ट्री कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में किसानों को भूमि बेचने पर आयकर अधिनियम के अन्तर्गत पूंजीगत लाभ पर 20 प्रतिशत की दर से आयकर देना पड़ रहा है, जो उन पर एक बड़ा भार है। यदि इस प्रक्रिया को भूमि अधिग्रहण कानून-2013 की धारा 11 के अन्तर्गत सम्पन्न किया जाता तो किसानों को किसी प्रकार का आयकर नहीं देना पड़ता।जब राज्य सरकार या केन्द्र सरकार भूमि अधिग्रहण कानून की धारा 4 (पुराना अधिग्रहण कानून) या धारा 11 (नया अधिग्रहण कानून 2013) के अन्तर्गत भूमि अधिग्रहीत करती है तो नोटिफिकेशन जारी करती है। तब इस प्रक्रिया में आयकर अधिनियम की धारा 10 (37) के अन्तर्गत आयकर नहीं देना पड़ता।
राज्य सरकार प्रदेश की जनता के लिए टाउनशिप बनाने के उद्देश्य से जमीन अधिग्रहण हेतु 50 प्रतिशत अंशदान दे रही है। शेष 50 प्रतिशत विकास प्राधिकरण दे रहे हैं। जमीन राज्य सरकार द्वारा ही क्रय की जा रही है। किन्तु समुचित नियमों का पालन न करने के चलते राज्य के किसानों को करोड़ों रुपये आयकर के रूप में भुगतान करना पड़ रहा है।सांसद ने केन्द्रीय वित्तमंत्री से अनुरोध किया है कि राज्य सरकार द्वारा विकास प्राधिकरणों के माध्यम से भूमि खरीद प्रक्रिया को आयकर अधिनियम की धारा 10 (37) के अन्तर्गत सम्पन्न कर उसे आयकर से मुक्त करने का कष्ट करें।

