- पुलिस ने पेद्दा कांड की बरसी पर गांव में निकाला फ्लैगमार्च
- पेद्दा कांड ने बदल दी थी जिले की राजनीति, हुई थी खूब राजनीति
जनवाणी ब्यूरो |
बिजनौर: जिले के बहुचर्चित पेद्दा कांड की चार साल पहले सूबे में काफी गूंज हुई थी। पेद्दा कांड ने जिले की राजनीति की दिशा और दशा बदलकर रख दी थी। पेद्दा कांड को याद करते हुए ग्रामवासियों की रूह कांप उठती है। पुलिस प्रशासन ने पेद्दा कांड की बरसी पर गांव में फ्लैगमार्च निकालकर शांति व्यवस्था बनाएं रखने की अपील की।
जिला मुख्यालय से सटे गांव पेद्दा में 16 सितंबर 2016 को सांप्रदायिक दंगे में तीन लोगों की हत्या हो गई थी और कई लोग गंभीर घायल हो गए थे। 16 सितंबर की तड़के हुई तिहरे हत्याकांड से जिले की राजनीति की दिशा व दशा दोनों बदलकर रख दी थी। जिले के राजनेताओं ने पेद्दा कांड का जमकर भुनाया था।
10 फरवरी 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिजनौर के वर्धमान कॉलेज में भाजपा प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार करने आए थे। इसी शाम को पेद्दा के पास के नया गांव में विशाल हत्याकांड हो गया था। जिससे विशाल को उसके पिता के सामने मार दिया गया था।
विशाल हत्याकांड में पेद्दा कांड के वादी व गवाहों को नामजद किया गया था। पेद्दा कांड में पहले 26 लोगों को नामजद किया गया था, बाद में भाजपा नेता ऐश्वर्य मौसम चौधरी व अरूण कबाड्डी के नाम बढ़ाएं गए थे।
ऐश्वर्य चौधरी ने कोतवाली नगर में सरेंडर कर दिया था। जिला न्यायालय ने उनकी जमानत याजिका खारिज कर दी थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी दो बार उनकी याचिका खारिज कर दी थी। फिर 29 अप्रैल 2019 को उन्हे बरी कर दिया था।
भाजपा नेता की पत्नी को बनाया था उम्मीदवार
पेद्दा के तिहरे हत्या कांड में भाजपा नेता मौसम चौधरी के जेल जाने के बाद शीर्ष नेतृत्व ने उनकी पत्नी सुचि मौसम चौधरी को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। वहीं सपा ने उपचुनाव में जीतकर विधायक बनी रूचि वीरा को अपना उम्मीदवार घोषित किया था।
राजनीति लाभ को मौसम को भेज दिया था महाराजगंज जेल
पेद्दा हत्या कांड में नाम आने के बाद भाजपा नेता ऐश्वर्य मौसम चौधरी ने कोतवाली नगर में सरेंडर कर दिया था। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर उनको बिजनौर जेल भेज दिया था।
सपा ने राजनीति लाभ लेने के लिए मौसम महाराजगंज जेल भेज दिया था। विधानसभा चुनाव 2017 के बाद सूबे में भाजपा की सरकार बनने पर उनको वापस बिजनौर जेल शिफ्ट कर दिया था।

