- जंगलों में बने शराब के ठेकों पर करते थे लूटपाट, सरधना में भी कई घटनाओं को दिया अंजाम
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: पुलिस ने शराब के ठेकों पर लूटपाट करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी आबादी से बाहर बने शराब के ठेकों और राहगीरों को निशाना बनाते थे। सरधना क्षेत्र में भी आरोपियों ने कई घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही से लूट का माल भी बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ हत्या व लूट समेत विभिन्न मामलों के डेढ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ के बाद मंगलवार को पुलिस ने आरोपी का चालान कर जेल भेज दिया।
दरअसल, पिछले कुछ महीनोें में सरधना में लूट की कई घटना हुई थी। कालंदी गांव में शराब के ठेके पर बदमाशों ने लूटपाट की थी। इसके अलावा छुर गांव में एक लूट की घटना को बदमाशों ने अंजाम दिया था। मामले में पुलिस ने दो आरोपी शादाब पुत्र अख्तर निवासी सिवालखास व असलम पुत्र सलीम निवासी गढ़ीपुख्ता शामली को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। मगर आरोपी जाबिर पुत्र इस्लाम निवासी जौला थाना बुुढ़ाना मुजफ्फ रनगर फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी कुंडली खंगाली तो पता चला कि आरोपी के खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या व लूट समेत विभिन्न घटना के डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस सर्विलांस और क्राइम ब्रांच टीम की मदद से उसके पीछे लग गई। बीते सोमवार को पुलिस को उसकी लोकेशन कांधला में मिली। जहां पुलिस ने एक बस से उसको गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी को थाने ले आई और पूछताछ की। जिसमें उसने कई घटनाओं को कुबूल किया। इंस्पेक्टर प्रताप सिंह ने बताया कि हत्या व लूट के मामले में आरोपी दस साल की सजा काटकर आया है। तीन साल पहले ही वह जेल से रिहा हुआ था। इसके बाद फिर से गिरोह के साथ सक्रिय हो गया। मंगलवार को पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी का चालान कर जेल भेज दिया।
हत्या के आरोप से तीन आरोपी दोषमुक्त
न्यायालय अपर जिला कोर्ट संख्या दो मेरठ प्रहलाद सिंह द्वितीय ने हत्या के आरोप में आरोपी बबलू उर्फ यूसुफ एव जुबेर पुत्रगण यूनुस व शाहनवाज पुत्र शब्बीर निवासीगण शकूर नगर लिसाड़ी गेट मेरठ को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया। आरोपीगण के अधिवक्ता महेंद्र पाल सिरोही ने बताया कि वादी मुकदमा मुख्तार अहमद ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके पुत्र रशीद का प्रेम विवाह हिना पुत्री शब्बीर के साथ हुआ था प्रेम विवाह के बाद उसकी पुत्रवधू के परिवार के लोग हिना से नाराज थे और उसकी जान के दुश्मन बन गए थे
इसी बात से आरोपित वादी मुकदमा में उसके परिजनों से रंजिश रखते थे। घटना के दिन गत छह अगस्त 2018 को की शाम वादी अपनी पुत्रवधू हिना को अस्पताल से डिस्चार्ज कर कर घर ला रहा था तभी पीछे से आरोपित आए और उन्होंने हिना पर गोली चलाना शुरू कर दिया। जिससे हिना गंभीर रूप से घायल हो गई और दौरान उपचार अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। आरोपियों के के अधिकता ने न्यायालय में कहा कि उन्हें इस मुकदमे से झूठा फंसाया जा रहा है न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यो के आधार पर संदेह का लाभ देते हुए आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया।

