- बार-बार शिकायतों के बाद भी काम के प्रति लापरवाही और खुलासों में देरी के चलते गई थानेदारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ/किठौर: एसओ भावनपुर संजय द्विवेदी व इंस्पेक्टर किठौर सुनील सिंह की थानेदारी सोमवार को छिन गई। दोनों को लाइन भेज दिया गया। इंस्पेक्टर क्राइम निखिलेश उपाध्याय किठौर प्रभारी बनाए गए हैं। इससे कुछ घंटे पहले ही यानि रविवार रात को 11 थाना प्रभारी इधर से उधर कर दिए गए। इनमें सुभाष गौतम को कांवड़ सैल से परतापुर प्रभारी निरीक्षक, इलम सिंह अपराध निरीक्षक रेलवे रोड को प्रभारी नौचंदी, महावीर सिंह एएचटीयू से सिविल लाइन, संतोष कुमार बहसूमा से लालकुर्ती, इंदू कुमारी लालकुर्ती से बहसूमा, दिनेश प्रताप सिंह एसएसआई को टीपीनगर से परीक्षितगढ़, अजय शुक्ला चौकी प्रभारी समर गार्डन को
थाना सरुरपुर, अखिलेश गौड़ प्रभारी निरीक्षक सरूरपुर को एएचटीयू, जयकरण प्रभारी निरीक्षक परतापुर को अपराध शाखा विवेचन सैल, महेश राठौर प्रभारी निरीक्षक नौचंदी को मॉनिटरिंग सैल व विजय बहादुर सिंह प्रभारी निरीक्षक परीक्षितगढ़ से अपराध शाखा विवेचना सैल भेजा गया है। इनके अलावा शहर के कई अन्य थानेदारों के काम की समीक्षा की जा रही है। माना जा रहा है कि जिन्हें विवेचना व मॉनिटरिंग सैल भेजा गया है यदि उनका काम अच्छा रहा तो एक बार फिर किसी थाने की थानेदारी मिल जाएगी।
बहुत लंबी है शिकायतों की फेहरिस्त
लाइन भेजे गए सुनील सिंह की इंस्पेक्टर किठौर रहते हुए शिकायतों की लंबी फेहरिस्त है। ढाई साल की मासूम लवी हत्याकांड, शौलदा में लाखों की लूट, फाइनेंस कंपनी एजेंट से लूट, गुलफराज हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी में कथित लापरवाही, ललियाना चौकी के हेड कांस्टेबल देवेंद्र कुमार के जरिए भी इंस्पेक्टर की कारगुजारी उजागर हुई। राधना के आबाद एडवोकेट के घर दबिश के मामले में लाइन हाजिर हुए सिपाहियों ने अधिकारियों से इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली का खुलासा किया। इंद्रपुरा में जलाभिषेक को लेकर दो पक्षों में हुए विवाद और उसमें पुलिस द्वारा की गई अवैध उगाही को लेकर खासी चर्चाएं थीं।

