- पुलिस के खिलाफ नारेबाजी, महिलाएं बोलीं-सट्टा और अवैध शराब तो रुकती नहीं, रावण दहन रोकने चले आए
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लालकुर्ती में पुलिस ने दहन से पहले ही रावण के पुतले फाड़ डाले। इसको लेकर जमकर हंगामा हुआ। पुलिस के खिलाफ महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की और भड़ास निकाली। वहीं हिन्दू नेताओं ने इसको गंभीर अपराध करार दिया। उन्होंने कहा कि कैंट विधानसभा क्षेत्र भाजप का गढ है। यदि भाजपा के गढ़ में दशहरा नहीं मना सकते। रावण के पुतलों का दहन नहीं कर सकते तो फिर क्या इस्लामबाद में जाकर रावण के पुतलों का दहन करेंगे।
विजयादशमी पर मुहल्ले के बच्चों द्वारा पैसे जमा करके बनाये गए पुतलों को लालकुर्ती पुलिस द्वारा दहन करने से पहले ही नीचे गिरा दिया और फाड़ दिया । पुलिस की हरकत से गुस्साई भीड़ ने पुलिस मुदार्बाद के नारे लगाए और महिलाओं ने पुलिस इंस्पेक्टर पर योगी सरकार को बदनाम करने के लिए रावण के पुतले की बेकद्री करने के आरोप लगाए। बताया जता है कि लालकुर्ती के छोटा बाजार में भाजपा नेता मन्नू लाल के कार्यालय के सामने खड़े किए गए लगभग दस फिट के रावण के पुतले को पब्लिक के विरोध के बावजूद पुलिस ने गिरा कर फाड़ दिया।
यहां से इंस्पेक्टर लालकुर्ती संतोष कुमार व एसआई वीरेंद्र पाल सिंह जामुन मोहल्ला टंकी के पास जा पहुंचे। यहां लगभग 25 फीट ऊंचे रावण के पुतले और पांच फीट ऊंचे मेघनाद के पुतले को गिराने लगे। पुलिस की हरकत पर मासूम बच्चे जिन्होंने आपस में चंदा कर ये पुतले बनाए थे बिलख-बिलख कर रोने लगे। छोटी बच्चियां बोली कि पुलिस अंकल हम कंजक के पैसे जोड़कर हर साल ऐसे ही रावण दहन का उत्सव मनाते हैं, लेकिन पुलिस ने उनकी बात अनसुनी कर दी और पुलिस पुतले को गिराकर फाड़ने लगे। इससे पुलिस के खिलाफ आक्रोश फैल गया। महिलाओं ने पुलिस पर योगी सरकार को बदनाम करने के आरोप लगाते हुए कहा के लालकुर्ती पुलिस धार्मिक यात्राओं में भी ऐसे ही डीजे को लेकर विवाद करती है
और अब यहां वर्षों से बच्चों द्वारा मनाए जा रहे रावण दहन कार्यक्रम को रोकने आ गयी। पुलिस वहां महिलाओं ने पुलिस इंस्पेक्टर को कहा के आपसे सट्टा ओर अवैध शराब की बिक्री तो रुकती नहीं जिससे परिवार बर्बाद होते जा रहे हैं और न ही लालकुर्ती पुलिस पैंठ एरिया ओर स्कूलों के पास में होती बच्चियों से छेड़छाड़ रोकती है । बस बरसों से बच्चों द्वारा होते रावण दहन रोकने ओर कानून सिखाने पुलिस तुरंत बल प्रयोग करने आ गयी।
भाजपा मुर्दाबाद के नारे
इस बीच कुछ लोगों ने भाजपा मुदार्बाद के नारे भी लगाए। रोचक बात ये भी रही कि इस बीच स्थानीय भाजपा नेता उक्त स्थलों से गायब रहे। जबकि हर वर्ष उनके द्वारा ही उक्त जगहों पर रावण दहन कार्यक्रम के उद्घाटन किये जाते रहे हैं।
बिफरे हिंदू नेता
हिन्दूवादी नेता सचिन सिरोही ने पुलिस की कार्रवाई की कठोर निंदा की है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर थाना लालकुर्ती का घेराव किया जाएगा। उन्होंने एसओ को सस्पेंड करने की मांग की।
नहीं थी अनुमति
इस संबंध में एसओ लालकुर्ती संतोष कुमार का कहना है कि बगैर अनुमति के पुतलों का दहन किए जाने की तैयारी थी। बगैर अनुमति ऐसा करने की इजाजत नहीं है।
पुलिस ने घरों के सामने नहीं जलने दिया रावण
मोदीपुरम: शनिवार को पल्लवपुरम थाना क्षेत्र में दशहरा मेला अथवा रावण पुतला दहन का कार्यक्रम कहीं नहीं होता है। जिस वजह से इस क्षेत्र के लोग घर के सामने पार्क और गली में रावण के तीन से पांच फीट के पुतलों को दहन कर त्योहार मनाते हैं। हालांकि पल्लवपुरम फेज-दो स्थित उदय पार्क कालोनी में चार से पांच वर्ष पूर्व बड़े स्तर पर दशहरा मेला और पुतला दहन होता था, जिसकी अनुमति भी ली जाती थी। मगर, उसके बाद से बड़ा मेला नहीं लगता।
अब कालोनी के लोग और छात्र चंदा इकट्ठा कर चार से पांच फीट के पुतले का दहन करते रहे हैं। मगर, इस बार की पुलिस रिपोर्ट में उदय पार्क कालोनी में कोई मेला नहीं लगने की बात कहीं गई है। उदय पार्क सोसाइटी के अध्यक्ष जसवीर सिंह तोमर ने कहा कि शनिवार सुबह एसओ पल्लवपुरम ने फोन कर कहा कि कालोनी में इस बार कोई पुतला दहन नहीं होगा, कालोनी की रिपोर्ट पिछले अध्यक्ष के अनुसार दी गई है। उसके बाद अध्यक्ष जसवीर सिंह तोमर ने कालोनी के लोगों को एसओ द्वारा बातचीत और पुतला दहन न होने की बात को प्रसारित कर दिया।
वहीं, दूसरी ओर, पल्हैड़ा निवासी विहित नेता शीलेंद्र चौहान शास्त्री ने भी कहा कि क्षेत्र में सालों से सौ से अधिक पुतला दहन होते रहे हैं, मगर इस बार पहली बार पुतला दहन पर रोक लगाई है। कहा कि इस मामले में सीओ दौराला से लेकर कप्तान के बंगले अथवा दफ्तर तक प्रदर्शन कर विरोध करेंगे। एसओ पल्लवपुरम मुन्नेश सिंह ने कहा कि पुतला दहन के दौरान कोई अनहोनी न हो जाए, शरारती तत्व न घुस जाए, इसको लेकर शांति समिति की बैठक में कहा गया था। विरोध किसी नहीं किया।

