Sunday, March 8, 2026
- Advertisement -

गरीब आवेदकों के हिस्से में सिर्फ तारीख पर तारीख

  • राशन कार्ड के आवेदनों पर डिजिटल हस्ताक्षर का मामला

जनवाणी संवाददाता |

फलावदा: नए राशन कार्ड बनवाने व राशन कार्ड से कटे नाम जुड़वाने के लिए रसूखदार मौज काट रहे हैं। गरीब आवेदकों को तारीख पर तारीख मिलने से उनके पसीने छूट रहे हैं। अप्रूवल का पहाड़ा पढ़ाकर आपूर्ति विभाग द्वारा पात्र आवेदकों को परेशान किया रहा है।

आपूर्ति कार्यालय मवाना में व्याप्त मनमानी के चलते राशन कार्ड बनवाने तथा कटे नाम जुड़वाने वाले गरीब पात्रों को कई माह से परेशान होना पड़ रहा है। उपेक्षा के चलते जरूरतमंद गरीबों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे की कई पात्र गृहस्थी कस्बे से लगातार आपूर्ति कार्यालय मवाना के चक्कर काट कर आजिज आ चुके हैं। उन्हें सिर्फ तारीख पर तारीख मिल रही है।

आवेदन पर डिजिटल हस्ताक्षर के अभाव में आम जनता के साथ नगर में आरएसएस से जुड़े एक व्यक्ति को भी काफी दिनों से आपूर्ति कार्यालय मवाना के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। आलम यह है कि पांच माह पूर्व मवाना आपूर्ति कार्यालय में जमा आवेदन भी डिजिटल साइन के अभाव में धूल फांक रहे हैं। कार्यालय से उन्हें आवेदनों की सूची डीएसओ ऑफिस भेजे जाने का बहाना बनाकर टरकाया जा रहा है।

देखने में यह भी आया है कि विभाग द्वारा गरीबों को बताए जाने वाले नियम कायदों से रसूखदारों को कोई सरोकार नहीं। उनके आवेदनों पर शीघ्र ही डिजिटल हस्ताक्षर हो रहे हैं। आपूर्ति कार्यालय के दोहरे मापदंड के कारण कई माह से चल रही इस दिक्कत से आवेदक हलकान है।

शनिवार को चेयरमैन अब्दुस समद ने जिला आपूर्ति अधिकारी नीरज सिंह से मामले की शिकायत की। डीएसओ का दावा है कि उनके कार्यालय में एक सप्ताह से पहली कोई सूची ही पेंडिंग नहीं है। इसके बावजूद मवाना के आपूर्ति इंस्पेक्टर अजय कुमार ने भी दावा किया है कि उनके पास भी कोई आवेदन पेंडिग नहीं है। मुख्यालय पर ही सूची पेंडिंग है। बहरहाल, विभागीय उपेक्षा के चलते आवेदकों को कई माह से आपूर्ति कार्यालय की परिक्रमा करनी पड़ रही है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ आवाज है ‘सूबेदार’

अस्सी-नब्बे के दशक में बॉलीवुड में अन्याय और भ्रष्ट...

यूं ही नहीं हैं शाहरुख खान ‘किंग’

रजनीकांत स्टारर फिल्म 'जेलर' (2023) को बहुत पसंद किया...

बिहार, बिहार ही रहेगा रेल तो संभालो

जब रेल पटरी से उतरने लगे तो चिंता होना...

जंगल सिर्फ पेड़ नहीं एक जीवित तंत्र है

वृक्षारोपण और प्राकृतिक वन के बीच पारिस्थितिक अंतर को...

अपने-अपने ‘एपस्टीन

इस साल की शुरुआत में उछली ‘ज्येफ्री एपस्टीन फाइल्स’...
spot_imgspot_img