Friday, March 27, 2026
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नवरात्र: स्कंदमाता का पूजन कर मांगी मन्नत

  • मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप का किया पूजन, श्रद्धालुओं ने मंदिरों और घरों में पूजा-अर्चना कर की सुख-सृमद्धि की कमाना

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता का पूजन मंदिरों में शनिवार को किया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिरों और घरों में पूजन-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं, संक्रमा के चलते ज्यादातर लोगों ने घरों में मां की ज्योति प्रज्ज्वलित कर मन्नत मांगी।

शहर के शास्त्रीनगर स्थित गोल मंदिर, जागृति विहार मंशा देवी मंदिर, लालकुर्ती शक्तिधाम मंदिर, सदर दक्षिणेश्वरी मां काली मंदिर, बाबा औघड़नाथ मंदिर आदि में दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचे। हालांकि संक्रमण के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में पिछले कुछ दिनों के मुकाबले कमी नजर आई।

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चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन मां भगवती का पूजन घरों में भी किया गया। लोगों ने स्कंदमाता के समक्ष ज्योत जलाकर लौंग और कपूर के साथ पूजन किया। वहीं, महिलाओं ने सुबह पूजा-अर्चना के साथ व्रत शुरु किया और शाम को पूजन करके ही व्रत संपन्न किया। कोरोना के बढ़ते प्रकोप से बचाव के लिए भी माता रानी से कामना की गई। वहीं, मंदिरों में भजन संध्या पर रोक के चलते लाउडस्पीकरो से ही भजनों का वातावरण बनाया गया।

बताते चले कि स्कंदमाता का पूजन संतान प्राप्ति के लिए विशेष तौर पर किया जाता है। मान्यता है कि मां के इस स्वरुप की जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से प्रार्थना करता है उसको संतान प्राप्ति होती है। मंदिरों में स्कंदमाता का मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया गया। वहीं, शारीरिक दूरी बनाने के लिए भी सभी मंदिर समितियों द्वारा श्रद्धालुओं से अपील की गई।

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शक्तिधाम मंदिर से हुआ लाइव प्रसारण

लालकुर्ती स्थित श्री शक्तिधाम मंदिर में माता रानी के पूजन का लाइव प्रसारण फेसबुक पेज पर किया गया। जिससे घर बैठे ही लोगों ने माता रानी के दर्शन किए। भक्त नीरज मणि ने बताया कि संक्रमण के चलते श्रद्धालुओं के लिए यह व्यवस्था की गई है।

मंदिर में पूरी तरह से शारीरिक दूरी का पालन कराया जा रहा है। वहीं, माता रानी की आरती का सोशल मीडिया के जरिए लाइव प्रसारण किया जाता है। जिससे भक्त घर बैठे ही मां के मनमोहक स्वरुप के दर्शन कर सकते हैं।

आज करें मां कात्यायनी का पूजन

नवरात्र के छठे दिन मां भगवती के छठे स्वरूप मां कत्यायनी का पूजन किया जाता है। चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है रविवार को है। इस दिन नक्षत्र आद्रा रहेगा और चंद्रमा इस दिन मिथुन राशि में गोचर करेगा। मान्यता के अनुसार मां कात्यायनी ने महिषासुर का वध किया था।

इस कारण मां कात्यायनी को दानवों, असुरों और पापियों का नाश करने वाली देवी कहा जाता है। मान्यता है कि मां कात्यायनी विवाह में आने वाली बाधाओं को भी दूर करती हैं। नवरात्रि में विधिपूर्वक पूजा करने से विवाह संबंधी परेशानियों दूर हो जाती हैं। नवरात्र के छठे दिन माता कात्यायनी का पीले रंगों से श्रृंगार कर पूजा करनी चाहिए।

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