जनवाणी संवाददाता |
तितावी: बघरा ब्लाॅक के गांव मुरादपुरा के पास स्थित शारदा बैंकेट हाॅल में प्रेरणा ज्ञानोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान यहा उपस्थित प्राइमरी स्कूल व उच्च प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों को अपने दायित्व के प्रति जागरुक किया गया तथा उन्हें अपने कर्तव्य के प्रति शपथ भी ग्रहण कराई गई। कुछ स्कूलों को उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्य पर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूली बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर किया गया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश त्यागी ने कहा कोविड- 19 के चलते बच्चो की शेक्षिक गतिविधि बंद हो गयी थी। प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का शेक्षिक स्तर शुन्य हो गया था। बच्चों को बुनियादी शिक्षा देना बहुत जरूरी है।
जिसको लेकर सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में कार्यक्रम रखा गया है। उन्होंने प्रेरणा ज्ञानोत्सव कार्यक्रम आयोजित कर स्कूल प्रबंध समिति सदस्यों तथा अभिभावकों को मिशन प्रेरणा, आनलाइन क्लास तथा 100 दिन के अभियान से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि निश्चित समय मे बच्चों के लक्ष्य प्राप्त होने चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को प्रेरित करने के लिए गांवों मंे शिक्षा चैपाल लगाई जाएगी। मिशन प्ररेणा 2023 तक चलेगा। उन्होंने कहा कि निश्चित समय मे बच्चो के लक्ष्य प्राप्त होने चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि त राज्य मंत्री विजय कश्यप को बनाया गया था, लेकिन राज्यमंत्री विजय कश्यप के न आने पर बघरा ब्लाॅक के खंड विकास अधिकारी सतीश गौतम को मुख्य अतिथि बनाया। उन्होंने यहा उपस्थित अध्यापकों को जागरूक करते हुए एक उदाहरण देते हुए कि जिस जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए एक चिड़िया अपनी चोंच में पानी लेकर आग को बुझाने का प्रयास करते हैं और उसे देखकर बंदर चिडिया पर फब्तिया कसते है, लेकिन चिड़िया अपने कार्य में लगी रहती है।
चिड़िया कहती है मेरे द्वारा किया गया प्रयास आने वाले इतिहास में लिखा जाएगा और लोग मुझे गद्दार नहीं कहेंगे। उन्हांेने कहा कि जिस तरह चिड़िया ने आग बुझाने का प्रयास किया इसलिए बच्चों में कोविड 19 भी जंगल की आग की तरह है। इसलिए अध्यापक चिड़िया बनकर इससे अपनी मेहनत से इसे बुझाएं। उन्होंने कहा कि अधिकांश शिक्षक ग्रामीण पृष्ठ भूमि से होगे और सरकारी स्कूलों से पढ़कर आए होंगे।
उन्होने कहा कि मेरे से पहली पीढी भी सरकारी स्कूल में पढ़ी है। मेरे पिता कमिश्नर बने तथा मेरे ताऊ जी आईएस रहे तथा मेरे पड़ोसी दूर दर्शन के महा निदेशक रहे जो सरकारी स्कूलों से पढ़कर ही अफसर बने। कार्यक्रम में लाॅकडाउन के दौरान ईशिक्षा के प्रति भी लोगों को जानकारी दी गई है। आॅनलाइन शिक्षा कैसे प्राप्त करे इसके बारे में भी बताया गया।उन्होंने कहा कि अब सरकारी स्कूल भी निजी स्कूलों से अच्छे हैं। सरकारी स्कूलों में भी इंटरलाॅकिंग, स्वच्छ व सुन्दर शौचालय तथा कमरों में पंखों से सुसज्जित हैं।
कार्यक्रम को राष्ट्रपति अवार्ड प्राप्त अध्यापक अखलाक अहमद ने कहा कि शिक्षा ही मोक्ष का रास्ता दिखता है। सरकारी अध्यापकों को पढ़ाई से अलग बहुत कार्य करने होते है। अधिकारियों द्वारा अध्यापक को सपोर्ट करना चाहिये। शासन ने आज जो पैरामीटर तय किये है वो हमारे यहां 2013 में पूरे हो गए थे। इससे पूर्व कार्यक्रम में पीरबढ़, हैदरनगर का कम्पोजिट स्कूल तथा नसीरपुर के छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
प्राइमरी स्कूल 1 तितावी, हरसौली, नसीरपुर, बघरा 1, तावली, मुरादपुरा स्कूलों को उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ठ कार्याें के लिए पुरस्कृत भी किया गया। इस दौरान यहा उपस्थित अध्यापकों को अपने कर्तव्य के प्रति शपथ भी ग्रहण कराई गई। कार्यक्रम को जितेन्द्र कुमार, पुष्पेन्द्र कुमार, शहजाद अली व अन्य वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान एडीओ पंचायत प्रदीप कुमार, लोकेन्द्र, डा. आवेश, संजीव बालियान आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आदित्य कुमार ने किया।

