Friday, May 1, 2026
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मेरठ की बेटियों को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने अर्जुन अवार्ड से किया सम्मानित

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक अभिनंदन और स्वागत है। दिल्ली में आयोजित एक सम्मान समारोह में मेरठ की दो बेटियों अन्नू रानी और प्रीति पाल को खेल का उत्कृष्ट पुरस्कार अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने दोनों खिलाड़ियों को यह पुरस्कार देकर सम्मानित किया है।

बता दें कि अन्नू रानी भाला फेंक में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं और प्रीति पाल पैरा एथलीट हैं जिन्होंने पैरा वर्ल्ड एथलेटिक चैंपियनशिप और पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीता है।

एथलेटिक्स में अन्नू रानी देश की सीनियर एथलीट्स में शुमार हैं, जो 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर देश के लिए भाला फेंक स्पर्धा में पदक जीतती आ रही हैं। अन्नू रानी देश की सबसे उत्कृष्ट एथलेटिक्स खिलाड़ियों में से एक है। वो 2023 एशियाई खेलों में गोल्ड, 2022 राष्ट्रमंडल में कांस्य पदक ले चुकी हैं। एथलेटिक्स में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया।

पेरिस पैरालंपिक में प्रीति जीत चुकी हैं दो कांस्य पदक

प्रीति पाल पैरा एथलीट हैं और टी-35 कैटेगरी में 100 और 200 मीटर दौड़ की धावक हैं। प्रीति ने पैरा वर्ल्ड एथलेटिक चैंपियनशिप और पेरिस पैरालंपिक में दोनों स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीता है।

उत्तर प्रदेश के चार खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यूपी के पैरा एथलीट प्रवीण कुमार को ध्यानचंद खेल रत्न से सम्मानित किया गया। पेरिस पैरालिंपिक 2024 में कांस्य पदक जीतने वाली पैरा एथलीट प्रीति पाल को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

इसके अलावा भाला फेंक एथलीट अन्नू रानी और एशियाई चैंपियनशिप में ट्रिपल स्वर्ण और दक्षिण एशियाई खेलों में रजत और कांस्य पदक जीतने वाले स्क्वैश खिलाड़ी अभय सिंह को अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा गया है।

ये हैं प्रीति पाल

प्रीति मेरठ के गांव कसेरू बक्सर की रहने वाली हैं। उनके पिता का नाम अनिल कुमार है जो कि दूध की डेयरी चलाते हैं। प्रीति को बचपन में ही सेरेब्रल पाल्सी का पता चला था। सेरेब्रल पाल्सी एक ऐसी बीमारी है, जिसमें दिमाग और शरीर मांसपेशियों के बीच सही से संवाद नहीं हो पाता है।

इलाज के लिए प्रीति दिल्ली आईं। यहीं पर वह जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कोच गजेंद्र सिंह से मिली और उनके मार्गदर्शन में ट्रेनिंग लेना शुरू किया। इसके बाद देखते ही देखते प्रीति ने पैरा खेलों में अपनी छाप छोड़ी। प्रीति विश्व चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला पैरा एथलीट हैं।

ये हैं अन्नू रानी

अन्नू रानी का जन्म 28 अगस्त 1992 को मेरठ के गांव बहादुरपुर में हुआ था। उनके पिता अमरपाल एक किसान थे। उनकी प्रतिभा की पहचान उनके भाई उपेंद्र ने की, जिन्होंने एक क्रिकेट खेल के दौरान उनके ऊपरी शरीर की ताकत को देखा।

वह उसे एक खाली खेत में गन्ने की स्टिक फेंकने के लिए कहकर ट्रेन करने लगा। अन्नू की पहली जैवलिन स्टिक वह थी जिसे उन्होंने बांस के एक लंबे टुकड़े से खुद तैयार किया था, क्योंकि उनके पास एक असली जैवलिन स्टिक खरीदने के पैसे नहीं थे। अन्नू ने 18 साल की उम्र में 2010 में पहली बार भाला फेंकना शुरू किया था। 2014 में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर अन्नू ने खुद को साबित किया।

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