Wednesday, April 22, 2026
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लोकार्पण से महरूम जीआईसी में चलेगा प्राइवेट स्कूल, नगर पंचायत ने किराए पर दी बिल्डिंग

  • प्रशासनिक उपेक्षा से 39 कमरों वाले कॉलेज का सपना हुआ चकनाचूर

जनवाणी संवाददाता |

फलावदा: अल्पसंख्यक मंत्रालय की एमएसडीपी योजना के तहत नगर में स्थापित राजकीय इण्टर कॉलेज के लोकार्पण का सपना सिस्टम की उपेक्षा के चलते चनाचूर हो रहा है।नगर पंचायत द्वारा 39 कमरों वाले जीआईसी के भवन को पब्लिक स्कूल के लिए किराए पर दे दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक केंद्रीय अल्पसंख्यक मन्त्रालय के “मल्टी सेक्ट्रल डेवलपमेण्ट प्लान”-2010 के तहत मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर उठाने के लिये मेरठ को तीन जीआईसी मिले थे। जिनमें एक कालेज शिक्षक मिर्ज़ा मिन्हाजुद्दीन के अथक प्रयासों से फलावदा में स्थापित किये जाने को हरी झण्डी मिली थी।

तत्कालीन चेयरमैन मिर्ज़ा शफीक़ुद्दीन द्वारा भूमि उपलब्ध कराए जाने पर उक्त इण्टर कॉलेज का शिलान्यास 11 नवम्बर 2011को तत्कालीन कमिश्नर भुवनेश कुमार ने कालेज का शिलान्यास किया था। नगर में शिक्षण संस्थान की स्थापना होने से शिक्षा माफियाओं के चुंगल में फंसे बच्चों के सपनों को पंख लग गए लेकिन कुछ दिनों बाद ही निर्माण कार्य को ग्रहण लगने से बालिकाओं के सपने टूटने लगे।

ठेकेदार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते केन्द्र तथा राज्यांश का अभाव होने से कॉलेज अधर में लटक कर रह गया। विकास का वादा करके विधायक और सांसद बनने वाले जनता के नुमाइंदे भी इससे अनजान बने रहे हैं।हाल ही में स्थानीय नगर पंचायत ने पब्लिक स्कूल संचालक को मामूली किराए के एवज यह बिल्डिंग किराए पर दे दी।इस कॉलेज की फाइल भी नगर पंचायत से गायब बताई जा रही है।

नए सत्र से इस भवन में पब्लिक स्कूल का संचालन शुरू होने जा रहा है।पब्लिक स्कूल संचालक फिलहाल भवन की मरम्मत में जुट गए हैं।

ईओ सचिन पवार ने बताया कि कॉलेज का भवन मामूली किराए पर पब्लिक स्कूल संचालक को दिया गया है।

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