- हत्या या आत्महत्या की थ्योरी में उलझी पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
- पड़ोसियों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ब्रह्मपुरी थाना के माधवपुरम इलाके में शहीद मंगल पांडे कालेज के प्रोफेसर का शव उनके कमरे से बरामद हुआ है। प्रोफेसर की मौत को लेकर रहस्मय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक मौत के कारण का पता लगना मुश्किल है।
माधवपुरम स्थित शहीद मंगल पांडे डिग्री कालेज में पढ़ाने वाले बिहार के पटना निवासी प्रो. रंजन कुमार कालेज के समीप ही किराए के मकान में रहते थे। लोगों ने बताया कि करीब तीन दिन से ही प्रो. रंजन नजर नहीं आ रहे थे। वह काफी मिलनसार प्रवृत्ति के थे। आसपास के लोगों से उनका काफी मिलना जुलना था। होली के मौके पर होली मिलन के कार्यक्रमों के लिए जब लोागें ने उन्हें बुलाने के मोबाइल नंबर पर ट्राई किया तो घंटी तो जाती रही, लेकिन काल रिसीव नहीं हुई। लोगों ने सोचा कि शायद किसी काम में लगे होंगे या सो रहे होंगे।
उनके मोबाइल नंबर पर अनेक लोगों ने कॉल किया, लेकिन रिप्लाई नहीं मिला। उनके कमरे पर भी लोग पहुंचे। वहां दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई रिप्लाई नहीं मिला तो लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूप 112 पर सूचना दी। सूचना के कुछ देर बाद वहां थाना ब्रह्मपुरी पुलिस पहुंच गयी। पुलिस वालों को आसपास के लोगों ने पूरे वाक्यात की जानकारी दे दी। उसके बाद लोगों की मदद से दरवाजा का कुंडा जो भीतर से लगा था, धक्का मारकर तोड़ा गया।
कमरे के भीतर प्रोफेसर का शव पड़ा था। यह देखकर लोगों के पैरों तले से जमीन खिसक गयी। वहां कुछ ऐसा नजर नहीं आ रहा था जिससे उनकी मौत का कारण साफ हो सके। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस ने बताया कि कालेज के अन्य शिक्षकों से संपर्क कर उनके घर का पता लेकर इस दुखद घटना की सूचना दी गयी है।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
कालेज के पढ़ाने वाले एक प्रोफेसर का शव उनके कमरे से बरामद हुआ है। शव पोस्टमार्टम को भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। -संतोष कुमार, सीओ, ब्रह्मपुरी
मौत और जिंदगी से जूझ रही बबीता
मोदीपुरम: दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में बबीता मौत और जिंदगी से जूझ रही है। वेंटीलेटर पर अभी बबीता जंग लड़ रही है। शहर में हुए इस बड़े हादसे की जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उधर, चार बच्चों की मौत के बाद कालोनी में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग इस पूरे प्रकरण को लेकर गमजदा है और उनकी बात करते हुए भी रुह कांप रही है। उनका कहना है कि इतना बड़ा हादसा उन्होंने अब तक नहीं देखा। इस हादसे ने परिवार को तबाह कर दिया और त्योहारों की खुशियां मातम में तब्दील कर दी।
पल्लवपुरम थाना क्षेत्र की जनता कालोनी में बबली के मकान को किराए पर लेकर मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा गांव के रहने वाला जोनी अपनी पत्नी बबीता चार बच्चे सारिका (12) निहारिका (10), गोलू (7), कल्लू (5) के साथ रह रहा था। शनिवार की देर शाम मोबाइल जॉनी ने मोबाइल चार्जिंग पर लगाया, तभी अचानक से मोबाइल के चार्ज में धमाका हुआ और चिंगारी बेड पर सोए जॉनी, बबीता और चार बच्चों के ऊपर गिर गई। जिसके चलते परिवार के लोग आग में झुलस गए।
पल्लवपुरम पुलिस ने घायलों को मोदीपुरम के फयूचर प्लस अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनकी हालत गंभीर देख उन्हे मेडिकल के लिए रेफर किया था। चार बच्चों की मौत हो गई थी। जबकि बबीता को हालत गंभीर देख दिल्ली के सफदर गंज में रेफर कर दिया था। अब भी बबीता वेंटीलेटर पर मौत और जिंदगी के बीच जूझ रही है। थाना प्रभारी पल्लवपुरम मुन्नेश कुमार का कहना है कि बबीता अभी वेंटीलेटर पर है। जिसकी हालत अभी गंभीर है।
पूछताछ को मेडिकल पहुंची पुलिस को नहीं मिला जॉनी
आग हादसे के शिकार परिवार के मुखिया से घटना को लेकर पूछताछ को पहुंची पुलिस को जॉनी मेडिकल में नहीं मिला। वहीं, दूसरी ओर मेडिकल प्राचार्य डा. आरसी गुप्ता ने जानकारी दी कि जिस दिन यह घटना हुई थी, उसी दिन जॉनी की पत्नी बबीता को जब दिल्ली के लिए रेफर किया गया था, उसी दिन जॉनी ने भी अपना इलाज कहीं अन्य कराने की बात कहकर फाइल बंद करा दी थी तथा वह तभी चला गया था।
वहीं, दूसरी ओर एसओ पल्लवपुरम मुन्नेश कुमार ने बताया कि घटना को लेकर कुछ पूछताछ उन्हें करनी थी तो वह मेडिकल पहुंचे, वहां जानी नहीं मिला। मेडिकल स्टाफ ने बताया कि वह तो बगैर बताए ही यहां से चला गया। बाद में जब जानकारी की गयी तो पता चला कि वह अपने गांव सिखेड़ा चल गया है। हालांकि वह सिखेड़ा में पहुंचा या नहीं, इसको लेकर भी पुलिस अनभिज्ञता जाहिर कर रही है।

