- लगभग चार वर्षों से अपने घर पर ही बच्चों को शिक्षा देने का उठाया बीड़ा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सभी को शिक्षा का अधिकार दिया गया, लेकिन आज के दौर में सभी को शिक्षा मिल पाना संभव नहीं। क्योंकि एक गरीब परिवार अपने बच्चों को शिक्षा दिलाए या उसका लालन-पालन करें। ऐसे परिस्थितियों में गरीब बच्चों को शिक्षा दिलाने की मुहिम उठाई है उत्तराखंड कॉलोनी की कनिका ने जो लगभग 4 वर्षों से अपने घर पर ही बच्चों को शिक्षा दे रही थी, लेकिन जब उन्हें लगा कि अब बच्चों को पाठशाला में पढ़ाना चाहिए। तो उन्होंने अपने बेटे के नाम की जमीन में विद्यालय बनाने का सपना सोचा है।
जनवाणी से खास बातचीत करते हुए कनिका ने कहा वह धीरे-धीरे संबंधित जमीन में जल्द ही एक पाठशाला बनाएगी। ताकि जो गरीब बच्चे विद्यालय जाकर किसी कारणवश नहीं पढ़ पाते हैं। उन सभी को अपनी पाठशाला में नि: शुल्क पढ़ाकर शिक्षा का सर्टिफिकेट उपलब्ध कराएं।
उन्होंने बताया कि लगभग से चार साल से वह बच्चों को पढ़ा रही हैं। साथ ही उन्होंने अन्य लोगों से भी अपील करते हुए कहा कि जो बच्चे भीख मांगते हुए मिले। उन्हें भीख देने की जगह शिक्षा से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई जाए। ताकि वह भविष्य में शिक्षित होकर कभी किसी के सामने हाथ ना फैलाएं। गुरुवार को भोपाल विहार स्थित रतिराम पैलेस में उत्तराखंड शिक्षा सेवा संस्थान द्वारा एक बैठक आयोजित की गई थी।
जिसमें गरीब बच्चों को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट के साथ-साथ मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए जल्द से जल्द पाठशाला का निर्माण करने पर चर्चा की गई। बैठक में मुख्य अतिथि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के छात्र नेता एवं राजस्थान मिष्ठान भंडार के संचालक मनीष शर्मा ने भी कहा कि पाठशाला को बनाने के लिए हर संभव सहयोग करेंगे। इस अवसर पर कई समाजसेवी ने पाठशाला निर्माण के लिए सहयोग की सहमति प्रदान की। बैठक में महेंद्र प्रजापति, जेई गौरव, आयुष सक्सेना, शिक्षिका डा. लता, शिवांगी शर्मा, एसडीओ सर्वेश आदि उपस्थित रहे।

