जनवाणी संवाददाता |
देवबन्द/सहारनपुर: पंजाब के बहुचर्चित मोहाली आरपीजी (रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड) हमले की जांच के तार अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर तक पहुंच गए हैं। गुरुवार की रात पंजाब स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की संयुक्त टीम ने देवबंद के गांव बचीटी से एक युवक को हिरासत में लिया है। आरोप है गिरफ्तार युवक ने आतंकी नेटवर्क को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई थी।
पंजाब एसटीएफ और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने देवबंद के गांव बचीटी में छापेमारी करते हुए मोहतशिम नामक युवक को हिरासत में ले लिया है। बताया जाता है कि मोहतशिम का नाम मोहाली हमले की जांच के दौरान सामने आया था। एजेंसियों को संदेह है कि आरोपी पाकिस्तान से संचालित संदिग्ध नेटवर्क के संपर्क में था। व्हाट्सएप अकाउंट से संबंधित तकनीकी सूचनाएं और ओटीपी उपलब्ध कराए थे, जिनका उपयोग नेटवर्क के अन्य सदस्यों द्वारा किया गया था। हालांकि एजेंसियां अभी यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी की भूमिका केवल तकनीकी सहायता तक सीमित थी या वह नेटवर्क की अन्य गतिविधियों से भी जुड़ा हुआ था।
सुरक्षा एजेंसियों ने इलेक्ट्रिक उपकरण लिए कब्ज़े में
देवबंद। पंजाब एसटीएफ और यूपी एटीएस की टीम ने छापेमारी के दौरान आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इन उपकरणों को फोरेंसिक और डिजिटल जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच से नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों, संपर्क सूत्रों और संभावित गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
2021 के मोहाली हमले से जुड़ा है मामला
देवबंद। सितंबर 2021 में पंजाब के मोहाली स्थित इंटेलिजेंस मुख्यालय पर आरपीजी से हमला किया गया था। इस घटना ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया था। हमले के बाद पंजाब पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और अन्य सुरक्षा संस्थानों ने कई राज्यों में फैले संदिग्ध नेटवर्क की जांच शुरू की थी। पिछले कुछ वर्षों में इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच एजेंसियां लगातार नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। देवबंद से हुई ताजा गिरफ्तारी को इसी व्यापक जांच अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

