- सड़क के गड्ढे भरने के नाम पर की जा रही सिर्फ रस्मअदायगी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बरसात के मौसम में सड़कों पर होने वाले जलभराव के कारण सड़कों में बने गड्ढे और भी गहरे हो गए हैं। इन गड्ढों में वाहनों के धंसने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। सड़क में बने गड्ढों को पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा डब्लूएमएम की पत्थर रोड़ी आदि डालकर भरा जा रहा है। जिसमें यदि देखा जाए तो पीडब्ल्यूडी विभाग टूटी सड़कों का निर्माण तो करा नहीं पा रहा है, लेकिन जो गड्ढे भरवाने का काम शुरू कराया है, उसमें भी खानापूर्ति की जा रही है।
शहर की अधिकतर सड़कें पूरी तरह से जर्जर हालत में होने के साथ टूट चुकी हैं या फिर सड़कों में गहरे-गहरे गड्ढे बन चुके हैं। कई सड़कों की हालत तो बद से बदतर स्थिति में पहुंच चुकी है। सड़कों में गड्ढे बेशुमार हो चुके हैं। इनमें मुख्य रूप से घंटाघर चौराहे से रेलवे रोड एवं जिला अस्पताल के सामने से शाहपीर गेट तक सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। इसमें बागपत रोड हो या फिर गंगा कॉलोनी की सड़कें इसमें फुटबाल चौक से भूमिया का पुल होते हुए जो सड़क हापुड़ अड्डे पर पहुंचती है।

वह भी अधिकतर जगहों से टूट चुकी है। सड़क में कई फीट गहरे गड्ढे बन चुके हैं। जाकिर कॉलोनी में भी कई सड़कें टूटी पड़ी हैं। सूरजकुंड रोड पर जाने वाली सड़क में भी कई जगह गड्ढे बने हुए हैं। शहर की सड़कों की हालत बेहद खराब स्थिति में हैं। जोकि बरसात के समय और भी स्थिति सड़कों की खराब हो चुकी है।
लोगों के द्वारा तमाम अधिकारियों से शिकायत की तो तब जाकर पीडब्ल्यूडी विभाग की नींद टूटी और सड़कों में बने गड्ढों को भरवाने का काम शुरू कराया। लोगों का कहना है कि जिन जगहों पर पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सड़कों में गड्ढों को भरवाया था। वहां पर फिर से जस के तस हालात बन गए हैं। देखा जाए तो पीडब्ल्यूडी गड्ढों को भरने के नाम पर सरकार का खजाना तो खाली कर रहा है, लेकिन वह धरातल पर खानापूर्ति का खेल कर रहा है।

