- यात्री तो यात्री कर्मचारी भी घूम रहे बिना मास्क
- यात्री सुविधा के लिए लगा एस्कलेटर भी बंद, लिफ्ट भी नहीं चालू
सागर कश्यप |
मेरठ: कोरोना की तीसरी लहर की संभावना साल के आखिर तक जताई जा रही है। ऐसे में सरकार भी लगातार सावधानियां बरतने के निर्देश दे रही है, लेकिन रेलवे सिटी स्टेशन पर गाइडलाइन के नाम पर मास्क तक इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। वहीं, स्टेशन परिसर में अव्यवस्थाओं का दौर जारी है।
स्टेशन पर न तो कोविड गाइडलाइन का पान सही प्रकार से हो रहा है और न ही सामान्य नियमों का पालन किया जा रहा है। सिटी स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की नजरों के सामने ही यात्री नियमों को ताक पर रख
रहे हैं।

रेलवे द्वारा लगभग सभी ट्रेनों का संचालन शुरु किया जा चुका है। हर दिन 22 एक्सप्रेस और छह पैसेंजर ट्रेने संचालित की जा रही हैं। हालांकि पैसेंजर ट्रेनों की संख्या पहले 15 थी, जो संक्रमण काल में घटा दी गई थी। ऐसे में सभी गाइडलाइन का भी पालन करने के निर्देश दिए गए थे।
जिसके तहत शुरुआत में तो रेलवे स्टेशन चिकित्सकों की टीम भी लगाई गई थी। साथ ही प्रवेश और निकास द्वारा भी सभी यात्रियों के तापमान की जांच की गई, लेकिन इन दिनों यात्री बिना रोक-टोक के आवाजाही कर रहे हैं। यात्रियों की जांच तो दूर बल्कि मास्क तक का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। यह हालात सिर्फ यात्रियों के ही नहीं बल्कि रेलवे कर्मचारी खुद ही गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं।
बिना डर के पटरी पार कर रहे लोग
सिटी स्टेशन पर बिना किसी रोक-टोक और डर के लोग पटरी पार करते साफ देखे जा सकते हैं। ऐसा नहीं है कि स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ तैनात नहीं है। इन दोनों के होते हुए भी यात्री खुलेआम नियमों को ताक पर रख रहे हैं। गुरुवार को दैनिक जनवाणी की टीम ने सिटी स्टेशन पहुंची तो जीआरपी और आरपीएफ के जवानों के सामने ही यात्री पटरी पार करते नजर आए और जवानों ने उन्हें रोकने की भी जरूरत नहीं समझी। साथ ही यात्रियों को मास्क लगाने के लिए कहना तो दूर ज्यादातर जीआरपी और आरपीएफ के जवान भी बिना मास्क के स्टेशन परिसर पर घूमते दिखे।
रेल नीर की जगह बिक रही बिस्लेरी की बोतल
रेलवे के द्वारा स्टेशनों पर बेचा जाने वाला रेल नीर यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। स्टेशन पर वेंडर रेल नीर की जगह अलग ब्रांड के पानी की बोतले मनमाने ढंग से यात्रियों को बेच रहे हैं। जिससे यात्रियों को भी नुकसान होता है। साथ ही रेलवे को खुलेआम चूना लगाया जा रहा है।
दरअसल, रेल नीर की बोतल अन्य ब्रांड की पानी की बोतलों के मुकाबले कम दामों में बेची जाती है। ऐसे में वेंडर ज्यादा मुनाफा कमाने की ऐवज में अपनी मनमर्जी के ब्रांड की बोतले बेचते हैं। जो कि यात्रियों को ज्यादा दामों में भी बेची जाती हैं।
न लिफ्ट चालू और न ही एस्कलेटर
सिटी स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के शुरु की गर्इं सभी योजनाएं ठप पड़ती जा रही हैं। यहां लगे लिफ्ट से लेकर एक्सलेटर तक बंद पड़े हैं। ऐसे में प्लेटफार्म पर यात्रियों को सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करना पड़ता है। दरअसल, सिटी स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर दो और तीन के बीच में एस्कलेटर लगाया गया था। लेकिन यह सिर्फ शुरुआती कुछ दिनों तक ही संचालित रहा और कुछ समय बाद ही बंद पड़ गया है।
आज के समय में एस्कलेटर आम सीढ़ियों की तरह ही कार्य करता है। बता दें कि इस एस्कलेटर का उद्घाटन सांसद राजेंद्र अग्रवाल द्वारा किया गया था। उधर, प्लेटफार्म नंबर एक पर लगाई गई लिफ्ट भी अक्सर बंद ही रहती है। बंद पड़ी लिफ्ट की पूरी तरह से दुर्दशा हो चुकी है।

