Saturday, May 2, 2026
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शताब्दीनगर की सड़कों पर चलना जोखिम भरा, कौन सुने फरियाद ?

  • ये हालत एमडीए की आवासीय कॉलोनी की हो गई हैं, जो बेहद चिंताजनक

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की आवासीय कॉलोनी शताब्दीनगर की सड़कों का बुरा हाल है। सड़कों में इस कदर गड्ढे बन गए हैं कि आये दिन दुर्घटनाएं हो रही है। लोगों की जान जोखिम में पड़ रही हैं, मगर एमडीए सड़क बनाना तो दूर गड्ढों से भी मुक्ति नहीं दिला पा रहे हैं।

ये हालत एमडीए की आवासीय कॉलोनी की हो गई हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। यह हालत किसी प्राइवेट बिल्डर की कॉलोनी में सड़क की हुई होती तो एमडीए की तरफ से बार-बार नोटिस भेजे जाते तथा बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई करने से भी गुरेज नहीं किया जाता, लेकिन अब शताब्दीनगर की सड़कों को लेकर एमडीए के खिलाफ कौन कार्रवाई करेगा? ऐसा भी नहीं है कि एमडीए के अधिकारियों को शताब्दीनगर के लोगों ने शिकायत नहीं की। लगातार शिकायत करने के बाद भी सड़कों को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है।

भाजपा विधायक डा. सोमेन्द्र तोमर ने तीन दिन पहले ही पीसी कर यह दावा किया था कि मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में चॉक चौबंद सड़कों की व्यवस्था करा दी गई हैं। यह क्षेत्र भी मेरठ दक्षिण का एक हिस्सा हैं, लेकिन यहां की तस्वीर कब बदलेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता। क्योंकि पिछले एक वर्ष से शताब्दीनगर के लोग एमडीए अधिकारियों से सड़कों के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके सड़कों का निर्माण करने के लिए एमडीए के अधिकारी तैयार नहीं है।

बड़ी तादाद में लोग शताब्दीनगर में रह भी रहे हैं, लेकिन लोगों का आवागमन यहां से कैसे हो रहा हैं, यह वहीं जान सकते हैं। इस पीड़ा से हर रोज जनता रूबरू हो रही हैं। एक-दो सड़कों का यह हाल नहीं, बल्कि शताब्दीनगर की ज्यादातर सड़कें उखड़ गई।

सड़कों में गहरे गड्ढे बन गए हैं। इसके लिए किसकी जवाबदेही बनती हैं? कौन करायेगा इन सड़कों को ठीक? इसको लेकर जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। मेरठ विकास प्राधिकरण का शताब्दीनगर बिग प्रोजेक्ट हैं। वर्तमान में भी 200 एकड़ जमीन किसानों के कब्जे में हैं, बाकी पर एमडीए ने कॉलोनी विकसित कर दी है। एयरपोर्ट का विस्तारीकरण भी इसी में किया जा रहा है।

परतापुर हवाई पट्टी भी इसी का हिस्सा हैं। तमाम वीआईपी हवाई पट्टी से ही आते हैं, फिर भी शताब्दीनगर की सड़कों को ठीक नहीं किया जा रहा है। शताब्दीनगर में ही आरएसएस का भी आॅफिस हैं। आरएसएस के कई बड़ेपदाधिकारियों का भी यहां पर आना-जाना रहता हैं, फिर भी सड़कों की दुर्दशा की तस्वीर को नहीं बदला जा रहा है। तस्वीर तभी बदल सकती है, जब एमडीए के अधिकारी सड़कों का पुन: निर्माण करने के लिए टेंडर जारी करेंगे। लंबे समय से सड़कों को ठीक करने के लिए कोई टेंडर ही जारी नहीं हुआ है।

इसी तरह से खराब सड़कों से ही जनता दौड़ रही हैं। अब एमडीए के अधिकारी यह कहने में भी देर नहीं लगाते है कि शताब्दीनगर में एनसीआरटीसी का यार्ड बना हुआ हैं, जिसके चलते भारी वाहनों का आवागमन होने से सड़क खराब हुई है। एनसीआरटीसी से भी सड़कों को नहीं बनवाया जा रहा है। जनता भी खराब सड़कों को लेकर परेशान हैं, मगर एमडीए के अधिकारी यहां की जनता के धैर्य की परीक्षा ही ले रहे हैं।

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