जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: चेन्नई में शनिवार से शुरू हुई बारिश से लोगों को फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र बन रहा है, जिस कारण यहां 11 नवंबर तक भारी बारिश के आसार बने हुए हैं।
बारिश के खतरे को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने चेन्नई में रेड अलर्ट जारी किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यहां पर इससे पहले 2015 में आई बाढ़ के समय इतनी बारिश देखी गई थी।
दरअसल, चेन्नई में शनिवार से शुरू हुई बारिश रविवार को भी जारी रही, जिसके बाद यहां रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। राज्य में बारिश के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। भारी बारिश को देखते हुए तमिलनाडु के कई जिलों में स्कूलों को भी बंद कर दिया गया है।
#WATCH | Puducherry continues to receive heavy rainfall, leading to waterlogging in some areas. Visuals from Krishna Nagar.
As per India Meteorological Dept (IMD), Puducherry is likely to experience a generally cloudy sky with heavy rain today. pic.twitter.com/6qszZqT7A1
— ANI (@ANI) November 8, 2021
पुदुचेरी में भी भारी बारिश
पुदुचेरी में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर जल भराव की समस्या हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि यहां दिन भर बादल छाए रहेंगे और बारिश से निजात मिलने वाली नहीं है। जानकारी के मुताबिक, खराब मौसम के कारण यहां पर भी स्कूल-कॉलेजों को सोमवार को बंद कर दिया गया है।
चेन्नई में 260 घर तबाह
चेन्नई में भारी बारिश के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यहां पर कई जगहों पर बाढ़ जैसी समस्या उत्पन्न हो गई है। इस कारण करीब 260 घरों को नुकसान हुआ है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए 160 राहत कैंप बनाए हैं।

