जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: उत्तराखंड में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। देहरादून और मसूरी समेत कई इलाकों में देर रात भारी तबाही देखने को मिली। सहस्रधारा क्षेत्र में सोमवार रात बादल फटने की घटना से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। वहीं, मसूरी में मजदूरों के आवास पर मलबा गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया।
सहस्रधारा में बादल फटने से भारी तबाही
देहरादून के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सहस्रधारा में सोमवार देर रात करीब 11:30 बजे बादल फट गया, जिससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मलबा आ गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, मुख्य बाजार में मलबा आने से दो से तीन बड़े होटल और सात से आठ दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
ग्राम प्रधान राकेश जवाड़ी ने जानकारी दी कि घटना के वक्त बाजार में करीब 100 लोग फंसे हुए थे, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं, एक से दो लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
रास्ता बंद, एसडीआरएफ और फायर टीम फंसी
आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, रात दो बजे के करीब एसडीआरएफ और अग्निशमन विभाग की टीमें रवाना कर दी गई थीं, लेकिन रास्ते में भारी मलबा आने के कारण वे मौके तक नहीं पहुंच पाईं। फिलहाल लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मशीनें रास्ता खोलने के कार्य में जुटी हुई हैं।
देहरादून में नदी का रौद्र रूप, शिवलिंग तक डूबा
देहरादून में तमसा नदी उफान पर है और टपकेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग तक जलमग्न हो गया है। मंदिर परिसर को खाली करा लिया गया है। आईटी पार्क क्षेत्र में भी भारी मलबा आने से सॉन्ग नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। पुलिस द्वारा स्थानीय लोगों को सतर्क कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
मसूरी में मजदूरों पर टूटा कहर
मसूरी के झड़ीपानी क्षेत्र में देर रात बारिश से मजदूरों के अस्थायी आवास पर मलबा गिर गया। हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और घायल मजदूर को अस्पताल पहुंचाया।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, राहत कार्यों की निगरानी जारी
सहस्रधारा की घटना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुख जताते हुए कहा कि वे लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और स्थिति की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और आश्वासन दिया कि राहत कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
स्थिति गंभीर बनी हुई है और प्रशासन पूरी मुस्तैदी से राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

