जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आज बुधवार को आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के तेज गेंदबाज यश दयाल को राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से बड़ा झटका लगा है। दरअसल, नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में जयपुर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
जयपुर में जस्टिस सुदेश बंसल की अदालत ने स्पष्ट किया कि मामला नाबालिग लड़की से जुड़ा है, इसलिए इस स्तर पर किसी भी प्रकार की राहत देना उचित नहीं होगा। अदालत ने पुलिस को केस डायरी प्रस्तुत करने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 22 अगस्त, 2025 तय की है।
यहां जानें क्या है मामला?
जयपुर की सांगानेर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने क्रिकेटर यश दयाल पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह दो साल पहले क्रिकेट के सिलसिले में यश के संपर्क में आई थी, जब वह नाबालिग (17 वर्ष) थी।
झांसा देकर उसका यौन शोषण किया
आरोप है कि यश ने युवती के करियर में मदद का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया। इसके बाद, आईपीएल 2025 के दौरान जब यश जयपुर आए, तब उन्होंने एक होटल में दोबारा उसके साथ संबंध बनाए। चूंकि पहली घटना के वक्त पीड़िता नाबालिग थी, इसलिए मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की
पुलिस ने यश दयाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है और पुलिस कोर्ट के निर्देशानुसार केस डायरी तैयार कर रही है।
यश दयाल की ओर से पक्ष?
यश दयाल के वकील कुणाल जैमन ने कोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी पर रोक की मांग की थी। उन्होंने दावा किया कि उनके मुवक्किल को एक संगठित गिरोह ने फंसाया है जो झूठे मुकदमे दर्ज कर ब्लैकमेल करता है। वकील ने बताया कि गाजियाबाद में भी यश पर पहले एक युवती ने रेप का केस दर्ज कराया था, जिसमें हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिली थी।
क्या करियर पर पड़ सकता है असर?
यश दयाल उत्तर प्रदेश के प्रतिभावान तेज गेंदबाज हैं और आईपीएल में अपनी शानदार गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। RCB की ओर से खेलते हुए उन्होंने कई अहम मौकों पर अपनी उपयोगिता साबित की है। हालांकि, लगातार कानूनी विवादों में फंसने से उनके करियर पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं।
अब सभी की नजरें 22 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें कोर्ट पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर आगे का रुख तय करेगा।

