- डिवाइडर बनाने के साथ साथ तोड़ दिये रिफ्लेक्टर
- बागपत रोड समेत कई मार्गों पर चल रहा कार्य
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में मुख्य मार्गों पर बने डिवाइडरों पर यातायात व्यवस्था सही रखने के लिये रिफ्लेक्टर लगाये गये हैं। जिससे यहां हादसे न हों, लेकिन डिवाइडर निर्माण कार्य के चलते इन रिफ्लेक्टर को ही हटा दिया गया। जिस कारण यहां बागपत रोड समेत कई मार्गों पर लोग डिवाइडरों से टकराकर हादसों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन कोई इस ओर ध्यान देने वाला नहीं है। उधर, शहर में हापुड़ रोड और गढ़ रोड पर पिछले कई माह से डिवाइडर क्षतिग्रस्त हालत हैं, लेकिन उनके सुधार के लिये कोई कार्य नहीं किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार विकास के दावे करती नजर आ रही है। सरकार के नुमाइंदे अपने अपने क्षेत्रों मेें विकास कार्य गिनाने में लगे हैं, लेकिन आम लोगों की जरूरत को ध्यान में रखकर यहां कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। शहर में बागपत रोड, दिल्ली रोड समेत कई मुख्य मार्गों पर डिवाइडर तक तोड़ दिये गये हैं और उन पर लगे रिफ्लेक्टर तक हटा दिये गये हैं। जिसके कारण सड़कों पर रोजाना हादसे हो रहे हैं और कोई देखने वाला नहीं है।
बागपत रोड से हटाये रिफ्लेक्टर
फुटबॉल चौराहे से लेकर बागपत रोड फ्लाईओवर तक यहां डिवाइडर निर्माण का कार्य कई जगह चल रहा है। इस कार्य को दो माह से भी अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक कार्य सुचारु रूप से शुरू नहीं हो पाया है। जबकि कार्य करने से पहले ही यहां डिवाइडरों से रिफ्लेक्टर हटा दिये गये हैं। अगर कहीं पर रिफ्लेक्टर लगे भी हैं तो उन पर लाल रंग की पट्टी ही नहीं है। जिस कारण यहां लोग रोजाना हादसों का शिकार हो रहे हैं और कोई देखने वाला नहीं है।
केएमसी अस्पताल से आगे आने के बाद डिवाइडर पर एक भी रिफ्लेक्टर नहीं है। जिस कारण यहां हादसे हो रहे हैं। टीपीनगर थाने के सामने की बात करें तो यहां डिवाइडर को सही करने का कार्य चल रहा है और इस कार्य को शुरू हुए दो माह से अधिक का समय हो गया है, लेकिन यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। कर्मचारियों ने यहां पहले डिवाइडर तोड़ दिये और उन पर से रिफ्लेक्टर हटा दिए गए हैं। उसके बाद कार्य को बीच में ही छोड़ दिया गया। जिससे यहां हादसे होने लगे। अब यहां डिवाइडर का कार्य फिर से शुरू हुआ है, लेकिन रिफ्लेक्टर अभी तक नहीं लगे हैं।
क्षतिग्रस्त डिवाइडर बने हादसों का सबब
हापुड़ रोड, गढ़ रोड की बात की जाये तो यहां मेडिकल से लेकर तेजगढ़ी चौराहे तक ही कई जगहों पर डिवाइडर पर कट हैं और कई जगह से डिवाइडर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जिस कारण यहां लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। यहां प्रतिदिन डिवाइडर के क्षतिग्रस्त होने के कारण हादसे हो रहे हैं और कई बार इसकी शिकायत आलाधिकारियों तक की जा चुकी हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। यहां अभी तक डिवाइडरों को सही नहीं कराया गया है। यही हाल हापुड़ रोड का है। यहां भी हापुड़ अड्डे से लेकर बिजली बंबा बाइपास तक डिवाइडर कई जगह से टूटा हुआ है, लेकिन उसे सही नहीं कराया गया है। जबकि यहां रोज डिवाइडर के कारण हादसे हो रहे हैं। बावजूद इसके कोई देखने वाला नहीं है।

