जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वित्तीय घोटाले की जांच से संबंधित साक्ष्य नष्ट किए जाने के मामले में बुधवार को थाना सदर बाजार पुलिस ने ऋषभ एकाडेमी की प्रधानाचार्या याचना भारद्वाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं इस मामले में 120बी के दो सह अभियुक्तों की भी तलाश की जा रही है। उनकी तलाश में पुलिस ने कलाल खाना समेत अन्य स्थानों पर दबिशें भी दीं।
सीए डा. संजय जैन निवासी सदर बाजार की एसएसपी को दी गयी शिकायती पत्र के बाद थाना सदर बाजार मेें दर्ज मुकदमा से जुड़ा है। जिसमें प्रधानाचार्या पर वित्तीय घोटाले में फरार चल रहे आरोपी रंजीत जैन की मदद के आरोप लगाए हैं। इस मामले में रंजीत जैन को मुख्य आरोपी बनाया गया है। वह फरार चल रहे हैं। उनकी भी तलाश में पुलिस कई बार दबिशें दे चुकी हैं।
उनके पुत्र अभिनव जैन को पुलिस ने स्कूल से जुडे एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि वह अदालत से जमानत पर बाहर हैं। साक्ष्य नष्ट किए जाने की खबर को जनवाणी ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अगले दिन इंस्पेक्टर थाना सदर बाजार मयफोर्स के स्कूल की प्रधानाचार्या से पूछताछ को भी पहुंचे थे। स्टॉफ से भी पूछताछ की गयी थी।
पुलिस ने एडमिशन व सीबीएसई परीक्षा में बैठाने को लेकर लग रहे आरोपों के चलते तमाम फाइलें जब्त कर ली थीं। दरअसल इस सारे फसाद की जड़ प्रधानाचार्य का वो बयान है जिसमें उन्होंने फाइलें जब्त किए जाने को पुलिस के अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात बताते हुए कड़ा प्रतिरोध किया था। उसके बाद से ही उनके खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई की आशंका जतायी जा रही थी।
गिरफ्तारी के बाद याचना भारद्वाज को सीजेएसम विनय प्रकाश की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। डा. संजय जैन ने बताया कि दो सह आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। वादी के अधिवक्ता राम कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस की जांच में आरोपियों के खिलाफ सभी सबूत एकत्र कर लिये गए थे। इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी थे। इस आधार पर पुलिस ने गिरफ्तारी की है।

