जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: क्षेत्र के बावली गांव की पट्टी देसू में रालोद छात्रसभा के पदाधिकारियों ने एक बैठक कर किसनों को केन्द्र सरकार के तीन कृषि संबंधी विधेयकों के खिलाफ किसानों को जागरूक किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि यदि यह विधेयक संसद में पारित हो गए और किसान मौन बने रहे तो उन्हें बाद में पछताने के अलावा कोई रास्ता नहीं मिलेगा।
शुक्रवार को हुई बैठक में रालोद छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अभिलाष तोमर ने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों को बर्बाद करने के लिए लॉक डाउन में ही तीन कृषि अध्यादेश लागू कर दिए थे। केन्द्र सरकार को ऐसी क्या उतावली थी कि संसद के सत्र का भी इंतजार नहीं किया।
उन्होंने कहा कि अब कृषि संबंधी तीन विधेयक संसद में रख दिए गए। संसद में इन्हें कानून बनानी की तैयारी है। यदि यह अध्यादेश ज्यों के त्यौं लागू कर दिए तो किसानों का ही नहीं बल्कि मजदूरों व छोटे व्यापारियों बर्बाद होना तय है। क्योंकि बड़ी कंपनियों द्वारा किसानों को बहकाकर फसल को उनके खेत में उगवाएंगी।
जब भाव देने की बात आएगी तो तब वह अपनी मर्जी से भाव देंगी। उन्होंने कहा कि इन विधेयकों में एक खास बात यह है कि विवाद की स्थिति में कोई किसान कोर्ट नहीं जा सकता है। एसडीएम व डीएम ही मामले को सुलझाएंगे। इससे लगता है कि प्रशासनिक अधिकारी किसानों पर तानाशाही चलाएंगे।
कंपनियों के दबाव में वह भी किसानों का शोषण करेंगे। उन्होंने किसानों से तीनों विधेयकों का विरोध पुरजोर तरीके से करें। अन्यथा बाद में पछतावा ही रह जाएगा। इस मौके पर बिजेपाल तोमर, ओमपाल सिंह, सतेंद्र, अनंगपाल, प्रताप मास्टर, इंद्र तोमर, सुभाष भारद्वाज, धर्मपाल शर्मा, पवन, नरेश, अलबेल सिंह, अंकित, सुमित, विपुल, अमित मास्टर, सुरेश,सौराज, सुल्तान सिंह, सागर तोमर, कुणाल आर्य, विकास मालिक, अंकुर राणा आदि मौजूद थे।

