- नए कार्ड एक्टिवेट करने के नाम पर चल रहा है फरेब
- गरीबों के निवाले से अपना पेट भरने की कवायद में लगे विक्रेता
जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: ‘जब बाड़ ही खेत को खाने लग जाए तो बेचारा खेत क्या करे?’ ये कहावत आपूर्ति विभाग और राशन विक्रेताओं पर सटीक बैठ रही है। विभागीय मिलीभगत के चलते राशन डीलर नए हथकंडे अपनाकर कार्ड धारकों का खाद्यान्न डकार रहे हैं। धांधलीबाजी को लेकर विभाग आंखें मूंदे हुए है।
जानकारी के मुताबिक विभागीय सांठगांठ के चलते बेखौफ हो रहे मुनाफाखोर व कोटेदार गोदाम पर ही खरीद फरोख्त का खेल खेलकर गरीबों के निवाले पर डाका डाल रहे हैं। गोदाम से ही कालाबाजारी के जरिए गरीबों का खाद्यान्न ठिकाने लग रहा है। खाद्यान्न ब्लैक करके दुकानों पर स्टॉक पूरा दर्शाने के लिए गरीबों के निवाले से डीलर अपना पेट भरने का प्रयास कर रहे हैं।
शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ई-पॉश मशीन से वितरण की व्यवस्था की हैख् लेकिन घपलेबाज डीलर नए-नए हथकंडे अपनाकर गरीबों का निवाला घटक रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि गोदाम पर कोटेदारों व मुनाफाखोरों के बीच गरीबों के गेहूं चावल की खरीद-फरोख्त का धंधा चला रहा है। मुनाफाखोर गोदाम से खाद्यान्न उठान के समय कोटेदारों को नकद राशि देकर खाद्यान्न बाजार के भाव से कम दामों पर खरीद रहे हैं।
कोटेदार बेखौफ होकर गरीबों का खाद्यान्न ब्लैक कर रहे हैं। कालाबाजारी में जुटे डीलरों को स्टॉक पूरा रखने का भी कोई डर नहीं है। दुकानों पर हमेशा स्टॉक कम होने के बावजूद कोई अफसर कोटेदार की दुकान पर जाकर वितरण से पूर्व स्टॉक चेक करने की हिम्मत नहीं करता। हकीकत यह है कि इन दुकानों पर कभी स्टॉक पूरा नहीं रहता है। ब्लैक किए गए खाद्यान्न की भरपाई को कोटेदार गरीबों के अंगूठा लगवा कर उन्हें खाद्यान्न के बजाय अंगूठा दिखा रहे हैं।
कोटेदार नए राशन कार्ड धारकों को कार्ड एक्टिवेट करने का झांसा देकर अंगूठा लगवाये जा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर जिले में तमाम दुकानों पर स्टॉक का बैलेंस पूरा करने को उपभोक्ताओं के राशन में कटौती की जा रही है। कहीं यूनिट काटकर तो कहीं घटतौली करके गरीबों का खाद्यान्न पर डाका डाला जा रहा है। जनपद में काफी दुकाने दागी डीलरों के सुपुर्द चल रही है, वे बेखोफ धांधली कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि वांछनीय कारणों से घोटालेबाज डीलरों की इस कारगुजारी विभागीय अफसर जानबुझकर बेखबर बने हुए है। इसका खामियाजा गरीब उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
तीन महीने अंगूठा लगाने से होगा कार्ड एक्टिवेट
राशन डीलर नए राशन कार्ड धारकों का चालाकी से खाद्यान्न गटक रहे हैं। उन्हें तीन महीने तक बिना खाद्यान्न लिए अंगूठा लगाने पर ही नया राशन कार्ड एक्टिवेट होने का झांसा दिया जा रहा है। कई दुकानदारों द्वारा धांधली का यह खेल खेला जा रहा है। भोले भाले कार्ड धारक दगाबाज डीलरों के झांसे में आकर बिना खाद्यान्न लिए अंगूठा लगाकर बैरंग लौट जाते हैं। ऐतराज किए जाने पर राशन डीलर उपभोक्ता को उनका कार्ड डिलीट कराने की धमकी देकर खामोश कर रहे हैं।

