- बडेÞ भाई और मां भी हुए घायल, अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया
जनवाणी संवाददाता |
बहसूमा: नगर क्षेत्र में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश से गांव मोड़खुर्द में शुक्रवार को बिजलीघर के सामने मकान की कच्ची छत होने के चलते भरकर गिर गई। इसमें पूरा परिवार मलबे में दब गया। चीख-पुकार होने पर बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे में दबे चारोें लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन दो भाई बहनों की तब तक मौत हो गई, जबकि मां और बड़ा भाई बुरी तरह से घायल हो गए।
घटना शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की है। दोपहर को बारिश हो रही थी और पूरा परिवार घर के भीतर था। इनमें इनाया, बिलाल, जुनैद और रुखसार थे। कच्ची छत होने के चलते एकाएक छत भरभराकर गिर गई और सभी लोग उसमें दब गये। पूरे मोहल्ले में शोर मच गया। लोग बचाव के लिए दौड़ पड़े। मलबे से सभी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक इनाया और चार साल के बिलाल की मौत हो गई थी। जबकि बड़ा भाई जुनैद और मां रुखसार गंभीर रूप से घायल हो गए। जुनैद को मवाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कर कराया।
हालत गंभीर होने पर मेरठ रेफर कर दिया है। गंभीर रूप से घायल पत्नी रुखसार को कस्बे के निजी चिकित्सक के भर्ती कराया। मौके पर पहुंचे एसडीएम अंकित कुमार एवं को मवाना सौरभ सिंह ने घटना की जानकारी लेते हुए हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। उसके बाद थाना प्रभारी ने मृतक बच्चों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मेरठ भिजवाया। बारिश होने से हुए हादसे से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
बच्चों को छोड़कर नहीं जाना चाहती थी मां
बारिश के चलते छत गिरने से हुई भाई-बहन की मौत को लेकर रुखसार सदमे में आ गई और अपने बच्चों को छोड़कर जाने को तैयार नहीं थी। बाद में अधिकारियों के समझाने पर नगर के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन वहां भी उसका रो-रोकर बुरा हाल है। एसडीएम मवाना अंकित कुमार, सीओ सौरभ सिंह, थाना प्रभारी इंदू वर्मा ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। एसडीएम ने मृतक बच्चों के पिता मसरुफ को प्राकृतिक आपदा द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया।
घायल रुखसार सात माह की है गर्भवती
बारिश से गिरी छत के कारण घायल रुखसार सात माह की गर्भवती है। वह हादसे के बाद सदमे में है। बारिश के चलते छत गिरने से हुए हादसे को लेकर परिजनों एवं ग्रामीणों की आंखें नाम हो गई और जो भी इस हादसे को देख रहा था, बुरा हुआ ये कह रहा था।
एमडी पावर की चेतावनी पर नहीं दिया ध्यान, करंट से एक की मौत
मेरठ: बारिश के दौरान खंभों व तारों से दूर रहने की पीवीवीएनएल एमडी की चेतावनी व हिदायतों को लेकर गंभीरता नहीं बरती गयी। नतीजा यह हुआ कि शुक्रवार को एक शख्स की करंट से मौत हो गयी। लगातार पड़ रही बारिश अब जानलेवा हो गई है। शुक्रवार को लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में बारिश के दौरान जर्जर बिल्डिंग का छज्जा गिरने से प्रॉपर्टी डीलर के मासूम बेटे की मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई से इनकार करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।
विकासपुरी में वर्षों पुराने फ्लैट बने हुए हैं। जिनकी बिल्डिंग काफी जर्जर हालत में है। इन्हीं में से एक फ्लैट में प्रॉपर्टी डीलर आरिफ का परिवार रहता है। बताया जाता है कि शुक्रवार को आरिफ का आठ वर्षीय बेटा साद तीसरी मंजिल के छज्जे पर खेल रहा था। इस दौरान छज्जा अचानक भरभरा कर गिर गया। जिसके मलबे में दबकर साद की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बिल्डिंग के निवासियों में हड़कंप मच गया।
क्षेत्रवासी और परिजन ने मलबे में दबे साद को बाहर निकाल कर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। जानकारी के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। मगर, परिजनों ने पुलिस कार्रवाई से इनकार करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।
बारिश में भरभराकर गिरी मकान की छत
दौराला: बृहस्पतिवार देर रात दौराला कस्बे के वार्ड-2 के मोहल्ला भगवानपुरी निवासी विधवा के कच्चे मकान की छत भरभरा कर गिर गई। सुदेश देवी ने बताया कि उसके पति दयानंद की 18 वर्ष पहले बीमारी के चलते मौत हो गई। वह किसी तरह मजदूरी कर बेटे व बेटी का भरण पोषण करती है। आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के चलते वह मकान का निर्माण नहीं करा पा रही। पीड़िता ने प्रधानमंत्री शहरी आवासीय योजना के तहत मकान का निर्माण कराए जाने की मांग की।

