Thursday, March 19, 2026
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यश की हत्या पर बवाल, लापरवाही का आरोप

  • आठ दिन में पुलिस नहीं लगा पाई सुराग, लाश नाले में सड़ती रही
  • तीनों आरोपियों को भेजा जेल, थाने में बैठे तीन आरोपियों पर फैसला नही

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मेडिकल थानांतर्गत जागृति विहार में रहन वाले एलएलबी के छात्र यश रस्तोगी की हत्या को लेकर हिंदू संगठनों ने जमकर बवाल किया और आरोपियों को फांसी की सजा की मांग की। वहीं मृतक के परिजनों ने खुलकर आरोप लगाया कि अगर पुलिस गंभीरता से बेटे को खोजने का प्रयास करती तो बच्चे की जान बच सकती थी। पुलिस को आठ दिन लग गए यश के कातिलों को पकड़ने में। वहीं पुलिस ने यश की हत्या के आरोप में पकड़े गए तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जहां से उनको जेल भेज दिया गया।

यश रस्तोगी 26 जून की शाम को घर से जल्दी आने की बात कह कर निकला था और उसके बाद से उसका कहीं पता नहीं चल पा रहा था। परिजनों ने मेडिकल थाने में गुमशुदगी भी दर्ज करवा दी थी लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था। 27 जून को परिजनों ने अनहोनी की आशंका जाहिर करते हुए अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया था।

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परिजन रोज थाने के चक्कर काटते रहे लेकिन उनको सिर्फ दिलासा ही मिलता रहा। हालांकि पुलिस ने यश की मोबाइल की आखिरी कॉल के जरिये तीन युवकों को उठा लिया था लेकिन उनसे पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बहुत ही धीमी गति से यश को खोजने की कोशिश की इस कारण बेटे की लाश मिली।

पोस्टमार्टम हाउस पर विश्विद्यालय के छात्र नेता विनीत चपराना ने एलएलबी के छात्र यश रस्तोगी की अपहरण के बाद हत्या होने पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर जिला प्रशासन से आरोपियों पर इस जघन्य हत्याकांड के लिए रासुका के तहत कार्यवाही की मांग रखी है। छात्र नेता ने हत्याकांड वाले स्थल फैक्ट्री पर बुलडोजर चलवाने की मांग की।

पुलिस के खुलासे से संतुष्ट नहीं परिजन

मोर्चरी पर पिता अनिल रस्तोगी, चाचा समेत तमाम परिवार के लोग रो रोकर बेहद परेशान थे। पिता की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे। परिवार का कहना था कि पुलिस ने हत्या के पीछे जो कारण बताये हैं उनसे वे लोग संतुष्ट नहीं है। भाजपा नेता राहुल ठाकुर ने एसएसपी से हत्यारोपियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्यवाही की मांग की।

थाने पर बैठे तीन आरोपी

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मेडिकल पुलिस ने तीन युवकों गुलमौहम्मद निवासी जाकिर कॉलोनी, शौकीन निवासी ग्राम गेसुपुर और दानिश निवासी इंदिरा चौक को हिरासत में लिया था। परिजनों ने बताया कि यश के फोन पर 26 जून को शाम 4:42 पर गुल मौहम्मद की कॉल आई थी।

उसके ठीक 5 मिनट बाद शाम 4:27 पर शौकीन की कॉल आई इन दो कॉल के बाद से यश का नंबर बंद हो गया था और इन दोनो युवकों की कॉल आने के बाद ही यश अपने घर से निकला था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अज्ञात, बिसरा सुरक्षित

जागृति विहार निवासी यश रस्तोगी की मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं हो पाया। डाक्टर ने बिसरा को जांच के लिये सुरक्षित रख दिया है। वहीं लाश बुरी तरह से सड़ी होने के कारण बहुत दिक्कतें आई। बाद में शव का अंतिम संस्कार सूरजकुंड पर कर दिया गया। 26 जून को हत्या करने के बाद यश की लाश को हत्यारोपियों ने बोरे में बंद करके नाले में फेंक दिया था।

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सात दिन तक केमिकलयुक्त कीचड़ से भरे नाले में लाश पड़ी होने से लाश बुरी तरह से गल गई थी। पुलिस ने शनिवार की देर रात जब नाले से शव निकाला तो बोरा भी बुरी तरह से सड़ा हुआ था। पुलिस ने उस वक्त परिजनों को बताना जरुरी नहीं समझा। पुलिस ने शव को मोर्चरी भिजवा दिया था।

रविवार को पोस्टमार्टम के समय सैंकड़ों लोगों की भीड़ मौजूद थी। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने मोर्चरी पर मेडिकल, नौचंदी, सिविल लाइन और लिसाड़ीगेट की पुलिस के अलावा पीएसी भी तैनात कर दी थी। एसपी सिटी विनीत भटनागर और सीओ कोतवाली अरविन्द चौरसिया के अलावा सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह आदि मौजूद रहे। दरअसल यश की हत्या के आरोपियों को लेकर लोगों में जबरदस्त रोष था लेकिन फोर्स अधिक होने के कारण लोग बवाल नहीं कर पाये।

दोहरे सदमे से परिवार दहशत में

घर में परचून की दुकान करने वाले अनिल रस्तोगी का एक बेटा बचपन में ही मर गया था। यश घर में सबसे छोटा था। परिवार में इसके अलावा तीन बहनें थी। इनमें दो बहनों की शादी हो चुकी थी। यश एनएएस कालेज में एलएलबी प्रथम वर्ष का छात्र था और एक सीए के यहां काम भी करने जाता था। यश का परिवार किठौर के महलवाला का रहने वाला है।

राज्य मंत्री सोमेन्द्र तोमर मिले परिजनों से

घटना की जानकारी मिलने पर रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा राज्य मंत्री डा. सोमेंद्र तोमर पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिवार के सदस्यों से मिले और घटना की जानकारी ली। सोमेंद्र तोमर ने परिवार के सदस्यों के सामने ही एसपी सिटी विनीत भटनागर और एसएसपी रोहित सिंह से आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा की वह पीड़ित परिवार के साथ है किसी प्रकार की कोई समस्या आने नही दी जाएगी। वहीं किठौर के पूर्व विधायक सतवीर त्यागी ने एसपी सिटी से मिलकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए 50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की।

मुस्लिम दुकानें बंद रही

जागृति विहार सेक्टर छह में स्थित कुछ मुस्लिम दुकानें सुरक्षा के कारणों से बंद रही। यश के घर के पास स्थित आरिफ वेल्डिंग की दुकान पर एसपी सिटी ने फोर्स तैनात कर दी थी। वहीं पीड़ित परिवार के घर के बाहर भी फोर्स तैैनात रही।

सीओ सिविल लाइन से मांगे सबूत

यश के अंतिम संस्कार के बाद परिजन सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह के आफिस गए और कहा कि बच्चे के समलैंगिक संबंधों के बारे में कहा जा रहा है। इसका सबूत पुलिस के पास क्या है। सीओ ने कहा कि तमाम चैटस है। जिनको पढ़कर सिर्फ शर्मिंदगी होगी। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि नेट पर मौजूद गे साइटस पर यश ने कई रजिस्ट्रेशन करा रखे थे।

मौत बुलाकर ले गई थी यश को, खुद गया था फैक्ट्री

जागृृति विहार निवासी यश रस्तोगी को उसकी मौत खुद खींचकर अहमद नगर की फैक्ट्री में खींच कर ले गई थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी शावेज से पांच हजार रुपये लेने खुद स्कूटी से अहमद नगर स्थित कढ़ाई की फैक्ट्री में गया था। वहीं पर उसका बेरहमी से हत्या कर दी गई। शावेज की कपड़ों में कढ़ाई की फैक्ट्री है।

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पुलिस के मुताबिक शावेज और यश के बीच अनैतिक संबंध थे। यश ने 40 हजार रुपये ब्लैकमेल करके ले लिये थे और पांच हजार रुपये और मांग रहा था। इसी पैसे को लेने वो शावेज के पास फैक्ट्री गया था। शावेज के मुताबिक वहां पर दोनों लोगों में लड़ाई हुई और शावेज ने अपने दो साथियों अलीजान और सलमान के साथ मिलकर गला दबाकर हत्या कर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था।

चौकी के पास लाश फेंकी

यश रस्तोगी की हत्या के बाद आरोपियों ने लाश को बोरे में बंद करके ऊंचा सद्दीक नगर के नाले में फेंक दी थी। जिस जगह लाश फेंकी गई वहां से पुलिस चौकी ज्यादा दूर नहीं थी। आरोपियों ने रात के वक्त शव को ठिकाने लगाया था। पुलिस का नेटवर्क इतना कमजोर साबित हुआ कि उसे लाश फेंकने का पता ही नहीं चला।

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