- किसान विरोधी बिल वापस नहीं लिए तो होगा आंदोलन
जनवाणी संवाददाता |
धामपुर: सपा कार्यकर्ताओं ने किसान विरोधी बिल के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सपाइयों ने राष्ट्रपति से संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर किसान विरोधी बिल को वापस लेने की मांग की। सपाईयों ने चेताया यदि भाजपा सरकार ने किसानों को उत्पीड़न करने वाले बिल वापस नहीं लिए तो आंदोलन होगा।
रविवार को भारी संख्या में सपा कार्यकर्ता पूर्व मंत्री मूलचंद चौहान के नेतृत्व में कैंप कार्यालय पर एकत्रित हुए। इस दौरान सपाई पैदल मार्च कर एसडीएम दफ्तर पहुंचना चाहते थे। लेकिन पुलिस प्रशासन ने घेराबंदी कर सपाइयों को कैंप कार्यालय पर रोक लिया।
सपाइयों ने धामपुर मुरादाबाद मार्ग बंद करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस प्रशासन की सख्ती के चलते हाईवे बंद नही हो सका। इसके बाद सपाइयों ने शीला टॉकीज पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। सपाइयों ने राष्ट्रपति से संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंप कर कहा कि सरकार किसानों को औद्योगिक घरानों और व्यापारियों के तलवे चाटने के लिए मजबूर कर रही है। जो आज देश का किसान राजा है, फिर वह व्यापारियों के हाथों की कठपुतली होगा। सरकार ने तीनों अध्यादेशों में किसान की रीढ़ तोड़ने का काम किया है।
किसानों को बिलों में कोर्ट जाने तक का अधिकार नहीं है। किसान सिर्फ अपनी समस्या लेकर एसडीएम के पास तक जा सकता है। कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के माध्यम से सरकार किसानों से भूमि का मालिकाना हक छीन कर मजदूरी कराना चाहती है। जो किसानों को कतई बर्दाश्त नहीं होगा।
बिल में किसानों को कोई अधिकार नहीं है कि वह अपनी मर्जी चला सके। उसे व्यापारियों के मूल्य पर ही अपना सामान बेचना होगा। व्यापारी की फसल खरीदारी में पूर्ण मनमानी चलेगी। किसान से सस्ते दाम पर फसल लेने के बाद उसे अपनी मर्जी से बेचेगा। व्यापारी बड़े स्टोरेज बनाकर किसानों को नौकर बना देंगे।
सरकार ब्रिटिश समय को फिर दोहरा रही है। किसान अपनी ही जमीन पर मजदूरी करेगा। किसानों ने चेताया यदि सरकार ने तीनों बिलों को वापस नहीं लिया तो किसान आर पार की लड़ाई करेंगे। किसान काले कानून को लेकर एक मंच पर आ चुके हैं। प्रदर्शनकारियों में सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, ठाकुर अमित प्रताप सिंह, कमरूल इस्लाम, नसीम राणा, शमीम जाकिर हुसैन, राशिद अहमद, खलील अहमद, मुनव्वर, सरफराज आदि रहे।

