- पहले पति लखमी को खोया कांवड़ हादसे में, इसके बाद 10 वर्षीय बेटे की हुई हार्ट अटैक से मौत
- महिला की जिंदगी अंधकार में, दो छोटे बच्चे बने टूट चुकी मां के सहारे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कहते हैं कि आफत बताकर नहीं आती। जब आती है तो अपने साथ कई और संकटों को लेकर आती है। शिवरात्रि के दिन राली चौहान के जिन छह लोगों की करंट लगने से मौत हुई थी, उनमें एक परिवार की हालत बेहद दयनीय है। पहले पति की मौत हुई और बाद में छोटा बेटा हार्ट अटैक से मर गया।
एक साथ दो झटकों को रेखा सैनी झेल नहीं पाई। दो बच्चों और टूटा हुआ घर उसके सामने चुनौतियों का पहाड़ खड़ी कर रहा है। प्रशासन से जो मदद मिली है वो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। फिलहाल अभी तो जेठ का परिवार शुरुआती संकटों में मदद कर रहा है, भविष्य तमाम सवाल लेकर उसका इंतजार कर रहा है।
राली चौहान में शिवरात्रि के बाद से अजीब माहौल है। सैनियों के मोहल्ले में में रहने वाले छह लोग जब हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गांव आ रहे थे तभी हाइटेंशन लाइन से टकराकर करंट डीजे पर आया। इससे छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और आठ लोग घायल हो गए थे। इस हादसे में लखमी की मौत के बाद उसका 10 साल का बेटा करण भी चार दिन पहले हार्ट अटैक से मर गया था।

परिवार में सिर्फ मां रेखा सैनी और दो बेटे बचे हैं। घर में कमाने वाला सिर्फ लख्मी था। प्रशासन की तरफ से छह लाख का चेक मिला है, लेकिन इस रकम से जिंदगी नहीं गुजर सकती है। बच्चे छोटे हैं। असहाय रेखा अपना घर दिखाने ले जाती है। छोटा सा घर वो भी टूटा हुआ। एक कमरे में बेड पड़ा है वो दयनीय हालत में। कमरे में जो खिड़की लगी है उसमें कहने को दरवाजे हैं लेकिन आर पार का सब दिखता है।
बारिश में पूरा घर टपकता है। दो गायों के दूध से घर का खर्च चलता है अब उनकी देखभाल कौन करेगा? एक बड़ा प्रश्न पूरे परिवार के सामने आकर खड़ा हो गया है। रेखा ने बताया कि एक साथ दो पहाड़ जिंदगी में टूट पड़े है। अभी तो जेठ ने अपने घर में जगह दी हुई है, लेकिन कब तक। इसी तरह जेठ सुनील का बेटा लक्ष्य भी करंट लगने से मारा गया। दोनों परिवार गम के पहाड़ के नीचे से दबे हुए हैं।
वक्त इनके साथ क्या इंसाफ करेगा यह तो आने वाला समय बताएगा फिलहाल रेखा बीमार है और उसे अपने दो बच्चों की चिंता खाये जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने जब वो कुछ बोलना चाह रही थी, तभी उसके आंसुओं ने उसकी जुबान पर ब्रेक लगा दिया था।

