जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: विज्ञान विषय के नाम से ही युवाओं को एक प्रकार का भय उत्पन्न हो जाता है, कि आखिर इतने जटिल विषय का अध्ययन कैसे करेंगे, लेकिन एनएएस इंटर कालेज के शिक्षक दीपक शर्मा बड़ी ही सरलता से विद्यार्थियों को विज्ञान के गतिविधियों को सिखाते है। जिससे युवाओं का आकर्षण विज्ञान की तरफ तेजी से बढ़ रहा हैं।
खेल-खेल में समझाते हैं विज्ञान की दुनिया
अगर हम किसी से कहे की विज्ञान को खेल-खेल के माध्यम से सीखा जा सकता है। तो शायद काफी लोग इस बात पर यकीन नहीं करेंगे, लेकिन विज्ञान के शिक्षक दीपक शर्मा खेल-खेल की विभिन्न गतिविधियों के साथ युवाओं को बताते हैं कि किस प्रकार एक पाखंडी के घूमने के कारण ही हेलीकाप्टर जैसे भारी वस्तु भी उड़ जाती हैं। इसी प्रकार के अन्य तरीके से वह विज्ञान की जटिलता को समझाते हैं।
बिग बॉस की तरह होता है विज्ञान घर संचालित
युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए बिग बॉस की तरह विज्ञान घर शो भी संचालित किया जाता हैं। जिसमें युवाओं को विज्ञान से जुड़ी तरह-तरह की गतिविधियां सिखाई जाती है और विजेताओं को सम्मानित करते हैं। जिससे युवाओं में विज्ञान की तरफ आकर्षित तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
इतना ही नहीं विभिन्न खगोलीय घटनाओं के समय विद्यार्थियों को उसके बारे में अच्छे से अध्ययन कराते है। जिससे युवाओं को आसानी से समझ आ जाएं। बता दें कि विज्ञान के क्षेत्र में 30 वर्षो से काम करने के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित दीपक शर्मा को दो बार नेशनल अवार्ड मिल चुके हैं।
साथ ही अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हे अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश में 18 पुरस्कार उनके नाम से दिए जाते हैं। वह विज्ञान का घर शो भी संचालित करते है। जिसमें बिग बॉस की तरह ही सभी सेटअप होता है। इसी तरह से पृथ्वी से सूर्य की दूरी नापने में भी उनका नाम अंकित हैं।
दीपक शर्मा ने कहा कि घर के किचन से लेकर बाहर की प्रत्येक गतिविधि में विज्ञान छिपा है। वह विद्यार्थियों को समझाने के लिए विभिन्न प्रयोगात्मक क्रियाओं का आयोजन करते है। जिससे विद्यार्थी आसानी से विज्ञान को समझ सकें।
विद्यार्थियों का क्या कहना है
छात्र हारिश ने बताया कि विज्ञान के नाम से ही पहले भय लगता था, लेकिन जबसे सर के तरीके से विज्ञान को समझा है। तब से विज्ञान से अच्छा कोई विषय नहीं लगता।
छात्र सचिन कुमार ने कहा कि विज्ञान को हम लोग किताबी भाषा से ही जानते हैं। मगर दीपक सर बताते है किस प्रकार किताबी ज्ञान से अलग भी विज्ञान को समझा जा सकता है।
अभिषेक ने बताया कि उनको विज्ञान विषय में रुचि नहीं थी, लेकिन अब उन्हे विज्ञान पढ़ने में अच्छा लगता है विज्ञान को प्रयोगात्मक अध्ययन के साथ सिखाया जाता है।
छात्र प्रियांसू प्रजापति ने बताया कि कक्षा में उन्हे इस प्रकार लगता ही नहीं कि वह विज्ञान का अध्ययन कर रहे है। इतनी सरलता से विज्ञान को समझा जा सकता है। कभी सोचा नहीं था।
छात्र उवैश ने कहा कि कक्षाओं में किताबी ज्ञान के साथ ही उनकों खगोलीय घटना के माध्यम से भी विज्ञान के विभिन्न रहस्यों को सिखाया जाता है। जिससे वह विज्ञान को आसानी से समझ लेते हैं।






