Tuesday, April 23, 2024
- Advertisement -
HomeNational Newsअमेरिका-भारत के खिलाफ गुप्त साइबर-सेना बनाने में तुर्की ने की पाकिस्तान की...

अमेरिका-भारत के खिलाफ गुप्त साइबर-सेना बनाने में तुर्की ने की पाकिस्तान की मदद

- Advertisement -

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: तुर्की ने भारत और अमेरिका के खिलाफ साइबर-सेना बनाने में पाकिस्तान की मदद की, इसका खुलासा नार्डिक मॉनिटर ने अपनी रिपोर्ट में किया है। तुर्की ने गोपनीय तरीके से द्विपक्षीय समझौते के तहत एक साइबर सेना स्थापित करने में पाकिस्तान की मदद की, जिसका इस्तेमाल घरेलू राजनीतिक लक्ष्यों के लिए किया गया था और साथ ही अमेरिका और भारत पर हमला करने के लिए किया गया था।इसे पाकिस्तानी शासकों के खिलाफ की गई आलोचना को कम करने का निर्देश भी दिया गया था।

नार्डिक मॉनिटर ने कहा कि तुर्की ने जनमत तैयार करने के लिए, दक्षिण पूर्व एशिया में मुसलमानों के विचारों को प्रभावित करने, अमेरिका और भारत पर हमला करने और पाकिस्तानी शासकों के खिलाफ की गई आलोचना को कम करने के लिए एक साइबर-सेना स्थापित करने में पाकिस्तान की मदद की।

नार्डिक मॉनिटर की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2018 में तुर्की के गृह मंत्री सुलेमान सोयलू के साथ बैठक के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान, जो साथ ही गृह मंत्री का पद संभाल रहे थे, ने इस योजना पर बात की थी। इस योजना से परिचित सूत्रों के के हवाले से नॉर्डिक मॉनिटर ने बताया कि इस गुप्त योजना को साइबर अपराध के खिलाफ सहयोग को लेकर किए गए द्विपक्षीय समझौते के तहत छुपाया गया था, जबकि वास्तव में यह अमेरिका, भारत और अन्य विदेशी शक्तियों द्वारा साइबर अपराध के खिलाफ अपनाए गए कथित प्रभावित संचालन के खिलाफ था।

इस तरह की एक इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव पहली बार 17 दिसंबर, 2018 को तुर्की के गृह मंत्री सुलेमान सोयलू और उनके मेजबान तत्कालीन गृह राज्यमंत्री शहरयार खान अफरीदी के बीच निजी बातचीत के दौरान रखा गया था। नॉर्डिक मॉनिटर की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले पर वरिष्ठ स्तर पर चर्चा की गई और इस्लामाबाद के गृह मंत्रालय के अधिकांश कर्मचारियों से इसे गोपनीय रखा गया।

इस गुप्त समझौते के बारे में पहली बार सार्वजनिक स्तर पर स्वीकृति सोयलू ने 13 अक्टूबर, 2022 को कहारमनमारस में एक स्थानीय टीवी स्टेशन के साथ एक साक्षात्कार के दौरान की थी। उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन संकेतों से स्पष्ट किया कि वे वास्तव में पाकिस्तान के बारे में बात कर रहे थे, जब उन्होंने एक ऐसे देश का उल्लेख किया जहां के लिए तुर्की से पांच या छह घंटे की सीधी उड़ान है।

नॉर्डिक मॉनिटर ने आगे कहा कि अपने पूर्ववर्तियों के विपरीत, सोयलू ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन की ओर से साइबर स्पेस में ट्रोल और बॉट सेना चलाने में कुख्याति प्राप्त की है और सितंबर 2016 में गृह मंत्री बनने से पहले भी उन्होंने इस तरह के गुप्त अभियानों पर काम किया था।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
1
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Recent Comments