- भाजपा प्रत्याशी सत्यवीर त्यागी की मौजूदगी में लगे रहे खिलाफ नारे
- कई गांवों में भाजपा प्रत्याशी का हो रहा विरोध
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: किठौर विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी शाहिद मंजूर को चुनाव में उनकी सेक्युलर छवि का बड़ा लाभ मिलता दिखाई दे रहा है। हर वर्ग में मिल रहा समर्थन उनको दूसरे प्रत्याशियों के मुकाबले मजबूत बनाए हुए हैं। यहां इस बार मौजूदा विधायक सत्यवीर त्यागी का जनता में भारी विरोध हैं। यही वजह है कि शाहिद मंजूर की मजबूती का आधार बन रहा है।
सत्यवीर त्यागी को अपने ही बिरादरी में विरोध का सामना करना पड़ रहा हैं। कहीं टूटी सड़कों को लेकर लोगों के विरोध का सत्यवीर त्यागी को सामना करन पड़ रहा है तो कहीं पर गुर्जर समाज के लोग सत्यवीर से खफा हैं। तमाम विरोध के चलते सत्यवीर त्यागी की मुश्किले बढ़ गयी हैं। फिर शाहिद मंजूर की छवि सेक्युलर हैं, जिसके चलते भी भाजपा प्रत्याशी के लिए इस बार का चुनाव मुश्किल पैदा कर रहा हैं।
जातियों के गणित को देखा जाए तो उसको लेकर भी भाजपा की मुश्किले बढ़ गयी हैं। कांग्रेस और बसपा ने गुर्जर समाज के लोगों को चुनाव मैदान में उतरा हैं, जिसके चलते गुर्जर समाज कई जगह बट गया हैं। इस वजह से भी शाहिद प्रत्येक प्रत्याशी पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा हैं। फिर भाजपा प्रत्याशी सत्यवीर त्यागी की छवि को लेकर भी उंगली उठ रही हैं। उनकी मौजूदगी में ही कई गांवों में उनके खिलाफ नारेबाजी तक हो रही हैं, जो उनके लिए संकट खड़ा कर रही हैं।
गौरतलब है कि, शाहिद मंजूर किठौर विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए। इस सीट पर एकमात्र हैट्रिक का रिकॉर्ड उनके नाम है, मगर गत विधानसभा चुनाव में भाजपा की लहर में वह सत्यवीर त्यागी से चुनाव हार गए थे। इसके बावजूद भी उन्होंने क्षेत्र में जनता के बीच लगातार अपनी उपस्थिति बनाए रखी थी। इस बार के चुनाव में उनकी यही छवि उनकी सारथी बनने का काम कर रही है।
सोने पर सुहागा यह है कि मौजूदा विधायक का क्षेत्र में व्यवहार और विकास कार्यों को लेकर भारी विरोध है जिसका लाभ भी उनको मिलता दिखाई दे रहा है। विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग गांव में मतदाताओं से हुई बातचीत में बताया गया कि शाहिद मंजूर की छवि क्षेत्र में एक सर्कुलर नेता की है और हर वर्ग उनकी इसी बात का लिहाज करता है। वह जनता के बीच चुनाव हारने के बावजूद भी लगातार बने रहे और जनता के दुख दर्द में शामिल रहे। यही वजह है कि इस बार के चुनाव में हर वर्ग उनको समर्थन कर रहा है।

