जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के लवादाग जंगल में बुधवार की सुबह झारखंड जगुआर और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने नक्सलियों के एक ठिकाने पर छापा मारा, जहां दोनों ओर से हुई भीषण मुठभेड़ में तीन कुख्यात माओवादी मारे गए, जबकि दो अन्य मौके से फरार हो गए।
अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद
मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद बरामद किए गए हैं। इसमें शामिल हैं:
एक AK-56 राइफल
एक एसएलआर
एक इंसास राइफल
कई मैगजीन और कारतूस
यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि माओवादी बड़ी साजिश की तैयारी में थे, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
एक उग्रवादी की पहचान, दो की शिनाख्त जारी
सुरक्षाबलों ने मारे गए तीन माओवादियों में से एक की पहचान बेलगड़ा गांव निवासी दिलीप लोहरा के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और कई संगीन मामलों में वांछित था। बाकी दो माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
गुमला के एसपी हरिश बिन जमा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा, “यह नक्सल विरोधी अभियान की एक बड़ी कामयाबी है। मुठभेड़ के दौरान तीन उग्रवादी मारे गए और उनके पास से अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है और फरार नक्सलियों की तलाश की जा रही है।”
ग्रामीणों में दहशत, लेकिन राहत भी
मुठभेड़ के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि माओवादी लंबे समय से जंगलों में सक्रिय थे, और जबरन लेवी वसूली करते थे। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई से लोगों में राहत की भावना भी देखी जा रही है और उन्हें उम्मीद है कि अब इलाके में शांति बहाल होगी।
राज्यव्यापी अभियान तेज
गौरतलब है कि झारखंड के कई जिलों—गुमला, चतरा, पलामू—में पिछले कुछ हफ्तों से नक्सल सफाया अभियान को तेज किया गया है। हाल के दिनों में कई माओवादियों की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी हुई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि राज्य सरकार के सहयोग से नक्सल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

