जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख का असर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखा गया। दो दिनों की लगातार तेजी के बाद आज घरेलू बाजारों में हल्की गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। शुक्रवार सुबह के शुरुआती सत्र में बीएसई सेंसेक्स 285.28 अंक टूटकर 85,347.40 पर आ गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 82.6 अंक की गिरावट के साथ 26,109.55 पर ट्रेड करता दिखा।
वहीं विदेशों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और घरेलू शेयर बाजार में विदेशी पूंजी निवेश के कारण शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया शुरुआती नुकसान से उबरकर पांच पैसे की मामूली बढ़त के साथ 88.63 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
बाजार में उतार-चढ़ाव
शुरुआती कारोबार में आईटी, बैंकिंग, एफएमसीजी और धातु शेयरों में हल्की गिरावट देखी गई, जबकि कुछ चुनिंदा फार्मा और ऊर्जा सेक्टर्स में सीमित खरीदारी दिखाई दी। मार्केट विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक आगामी वैश्विक आर्थिक डेटा और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों का इंतज़ार कर रहे हैं, इसलिए बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
एशियाई बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। कोस्पी 3 प्रतिशत से ज़्यादा नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि निक्केई 225 सूचकांक 2 प्रतिशत से ज़्यादा गिरा। गुरुवार को अमेरिकी बाजार नकारात्मक दायरे में बंद हुए। नैस्डैक कंपोजिट में 2.15 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 1.56 प्रतिशत और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.84 प्रतिशत की गिरावट आई।
बाजार में बढ़ी अस्थिरता
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार ने कहा कि बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। एआई व्यापार का बैरोमीटर नैस्डैक कल 2.15 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जो इंट्रा-डे पीक से 4.4 प्रतिशत नीचे था। बाजार में इस तरह की हलचल आगे और अस्थिरता का संकेत है।

