- नगर निगम को फटी पाइप लाइन सुधरवाने की नहीं है फुर्सत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम को अपनी फटी पाइप लाइन सुधरवाने की ही फुर्सत नहीं है। लापरवाही का आलम इस बात से लगाया जा सकता है कि उपर ट्रांसफार्मर है और उसके नीचे पाइप लाइन फटी हुई है। जिससे हजारों लीटर पानी सड़क पर बह रहा है। अर्थिंग से यहां करंट फैलने से बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन अधिकारियों को फुर्सत ही नहीं है कि इस बर्बादी को रोक सकें।
यह मामला नगर निगम के वार्ड-72 के अन्तर्गत विकास पुरी क्षेत्र में सामने आया है। यहां विकासपुरी बिजली घर के ठीक बाहर ट्रांसफार्मर खुला रखा हुआ है। इस ट्रांसफार्मर के चारों तरफ जाल भी नहीं लगाया गया है। जिससे यहां बिजली के नंगे तार खुले में ही पड़े हैं तथा उनसे अक्सर चिंगारियां फूटती रहती हैं। उससे बड़ी लापरवाही यह हो रही है कि इसी ट्रांसफार्मर के ठीक नीचे नगर निगम की पाइप लाइन फटी हुई है। इससे भारी संख्या में पानी सड़क पर बह रहा है। बिजली के साथ सड़क पर बह रहे पानी से कभी भी यहां करंट फैल सकता है। क्षेत्रवासी और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी नासिर सैफी ने इस मामले में पहले तो बिजलीघर के स्टाफ का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया,
लेकिन उन्होंने नगर निगम पर मामला टाल दिया। तो इस मामले में नगर निगम में शिकायत की गई, लेकिन पांच महीने बाद भी नगर निगम के अधिकारियों का इस तरफ ध्यान नहीं गया। तब नासिर सैफी ने इस मामले में नगर विकास मंत्री को वीडियो के साथ शिकायत भेजी है। जिसमें कहा गया है कि विकासपुरी बिजलीघर पर ट्रांसफॉर्मर के नीचे से पानी बह रहा है जो लगभग पांच महीने से पानी बह रहा है लाखों लीटर पानी बरबाद हो चुका है और आसपास जलभराव भी हो जाता है इससे जल स्तर भी गिरता है। कृपा करके पानी की बरबादी को तत्काल प्रभाव से रोका जाये।
औचक निरीक्षण किया पीवीवीएनएल एमडी ने
सरकार की बिजनेस प्लान योजना के तहत मेरठ में प्रस्तावित 135 करोड़ के कामों की तलब की गयी रिपोर्ट देने मे अफसरों की हीलाहवाली पर जब एमडी ईशा दुहन खुद जायजा लेने जा पहुंची तो अफसरों के दावों की पोल खुलती चली गयी। सूत्रों की मानें तो दरअसल हुआ यह कि एमडी ने बिजनेस प्लान योजना के तहत कराए जाने वाले कामों को लेकर बडेÞ अफसरों से रिपोर्ट तलब की थी। सुनने में आया है कि बिजनेस प्लान योजना को लेकर तलब की गई रिपोर्ट पेश करने में कुछ देरी हो रही थी। माना जा रहा है कि इसी के चलते एमडी ने गुरुवार को खुद मोर्चा संभाल लिया और विद्युत वितरण खंड द्वितीय के जेल चुंगी स्थित बिजली घर पहुंची।

पीवीवीएनएल एमडी के शहर में दौरे की खबर पहले ही अफसरों को मिल चुकी थी। इसके चलते वहां पहले से ही चीफ (अरबन) धीरज सिन्हा एक्सईएन विपिन कुमार मुस्तैद मिले। वहां पहुंचकर एमडी की जांच में काम पैंडिंग पाए गए। इसको लेकर उन्होंने कठोर लहजे में नाराजगी का इजहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे महत्वाकांशी बिजनेस प्लान योजना को लेकर जो रेस्पांस मिलना चाहिए, वह नहीं मिला रहा है। काम पैडिंग होने पर उन्होंने जांच के आदेश दिए। निरीक्षण में एनके मिश्र निदेशक (तकनीकी), धीरज सिन्हा मुख्य अभियन्ता मेरठ क्षेत्र-प्रथम, मेरठ, राजेन्द्र बहादुर अधीक्षण अभियन्ता विद्युत नगरीय वितरण मंडल मेरठ,
विनीत सिंह उपखंड अधिकारी एवं अवर अभियन्ता आदि अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। बताया गया है कि बिजनेस प्लान योजना के तहत करीब 50 करोड़ के काम नगर निगम क्षेत्र में कराए जाने है। इसके आलवा 20-20 करोड़ और भी अतिरिक्त कार्य कराए जाने हैं। डिविजन फर्स्ट में पांच करोड़ व डिविजन सेकंड में सात करोड़ के कार्य कराए जाने हैं। यहां से एमडी पावर अन्य बिजलीघरों के दौरे पर निकल गयीं। उन्होंने अब तक कराए गए कामों की रिपोर्ट तलब कर ली है।

