जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में कथित अंदरूनी मतभेदों की चर्चाओं के बीच पार्टी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने अपना रुख साफ किया है। उन्होंने कहा कि वह ममता बनर्जी और टीएमसी के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं और पार्टी के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
ममता बनर्जी के साथ क्यों खड़े हैं सिन्हा?
बातचीत के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वह आसनसोल और पश्चिम बंगाल की जनता के आभारी हैं, जिन्होंने उन्हें लगातार समर्थन दिया है। उन्होंने बताया कि वह ममता बनर्जी के बुलावे पर ही आसनसोल आए थे और वहां उपचुनाव में रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की थी।
उन्होंने कहा कि दूसरी बार भी उन्हें बड़े अंतर से जीत मिली, जो जनता के भरोसे का प्रतीक है। सिन्हा के मुताबिक वह किसी भी दल के हों, लेकिन सभी लोगों के लिए काम करते हैं।
पुराने दिनों को किया याद
सिन्हा ने 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद के कठिन समय को याद करते हुए कहा कि उस वक्त जब वह हार के बाद मुश्किल दौर से गुजर रहे थे, तब बहुत कम लोग उनके साथ थे। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी उन चुनिंदा लोगों में थीं जिन्होंने उन्हें समर्थन दिया और आगे बढ़ने का अवसर दिया। इसी वजह से उन्होंने आसनसोल से चुनाव लड़कर जीत हासिल की और संसद पहुंचे।
अफवाहों पर दिया जवाब
हाल के दिनों में उनके टीएमसी से अलग होने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वह स्वभाव से बेबाक हैं और सच बोलने से पीछे नहीं हटते। उन्होंने कहा, “अगर सच बोलना बगावत है, तो मैं बागी हूं।” हालांकि उन्होंने साफ किया कि वह ममता बनर्जी को इस मुश्किल समय में नहीं छोड़ेंगे।
टीएमसी के साथ निभाने की बात
सिन्हा ने कहा कि वह दो बार टीएमसी के चुनाव चिन्ह ‘जोड़ा फूल’ पर सांसद चुने गए हैं। ऐसे में ममता बनर्जी और पार्टी के साथ खड़ा रहना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने दोहराया कि यह उनके लिए सिद्धांत और कर्तव्य का विषय है और वह इसे निभाते रहेंगे।

