Sunday, March 8, 2026
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स्मार्ट कैंट के नाम पर बदहाली का आलम

  • कभी सुबह और शाम को चलते थे फव्वारे, अब कैंट क्षेत्र में खराब पड़े है वाटर फॉल और फव्वारे

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: ये तस्वीर बता रही है कि कैंट कितना स्मार्ट? कभी कैंट क्षेत्र में पार्क और चौराहों पर फव्वारे लगाये गए थे। सुबह-शाम को ये फव्वारे चलते थे, जिसके बाद कैंट क्षेत्र का नजारा ही कुछ ओर था। लोग देखने के लिए और घूमने के लिए यहां पर आते थे। इसके बाद ही कैंट स्मार्ट की श्रेणी में टॉप पर पहुंच गया था। वर्तमान में हालात ये है कि एक भी फव्वारा नहीं चल रहा हैं। इनको संचालित करने के लिए ज्यादा रुपया भी खर्च नहीं होगा, लेकिन इनकी मरम्मत के लिए भी कैंट बोर्ड के अधिकारी कदम नहीं उठा रहे हैं, जिसके चलते अब तो चोरों ने इनके आंतरिक उपकरण भी चोरी कर लिये हैं।

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इसकी एफआईआर भी दर्ज नहीं करायी जा रही हैं। जब स्मार्ट कैंट अभियान के तहत फव्वारे चौराहों पर चालू किये थे, उस दौरान 60 लाख का बजट इन पर खर्च किया गया था। माल रोड से सटकर भी कई जगह सौंदर्यीकरण को देखते हुए फव्वारे लगाये गए थे। साफ-सुथरे पार्क भी बनाये गए थे। वो अब नहीं दिखता। माल रोड तो जाम में तब्दील हो गई हैं। इसकी पहचान अब जाम के रूप में होने लगी हैं। हरा-भरा रहने वाला माल रोड के दोनों तरफ धूल उड़ रही हैं। हरी घास खत्म हो गई हैं। दुबई स्टोर के पास एक फव्वारा लगाया गया था। इस पर तब 10 लाख से ज्यादा का खर्च कैंट बोर्ड का आया था। फव्वारा भी चलता था। करीब एक साल से अब फव्वारा बंद पड़ा हैं।

पहले इसमें थोड़ी त्रुटि थी, लेकिन बंद होने के बाद इसका सामान चोरी हो गया। अब इसकी मरम्मत की जाएगी तो लाखों खर्च हो जाएंगे। दरअसल, कैंट बोर्ड ने एक समय कैंट क्षेत्र को स्मार्ट बनाने की दिशा में तेजी से काम किया था। इसमें दो राय नहीं है कि कैंट में जो भी फव्वारे और वाटर फॉल बनाये गए थे, वो कैंट के अफसरों ने खुद तैयार कराये थे, इसका कोई टेंडर नहीं हुआ था। फिर भी 60 लाख रुपये इन पर खर्च आये थे। इसके बाद ही कैंट क्षेत्र स्मार्ट की श्रेणी में आया था, लेकिन वर्तमान में कैंट क्षेत्र पुराने ढर्रे पर आ गया हैं।

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यहां बने थे वाटर फॉल और फव्वारे

  • दुबई स्टोर के सामने: बना था फव्वारा, जो खराब पड़ा हैं।
  • शहीद स्मारक: फव्वारा क्षतिग्रस्त हैं, फिलहाल बंद हैं।
  • आईआईएमटी माल रोड: कौने पर एक फव्वारा बना था, वो भी खराब पड़ा हैं।
  • कैंट बोर्ड आॅफिस के पास: वाटर फॉल बना था, जो खराब पड़ा हैं।
  • सोफिया के पास: वाटर फॉल दो बने थे, दोनों खराब पड़े हैं।
  • राजमहल के पास: फव्वारा, वाटर फॉल बनाये गए थे, जो बंद पड़े हैं।
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