- अबकी बार भी इस सीट पर बदलाव के आसार, फैसले की घड़ी आज
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिले में सिवालखास विधानसभा सीट ऐसी है जिसने पिछले चार चुनाव में हर बार अपना विधायक बदला है। मजेदार बात यह है कि चारों ही बार अलग-अलग दल ने यहां से जीत दर्ज की है। अबकी बार भी इस सीट पर बदलाव के आसार है और आज उसके फैसले की घड़ी है। यहां पर मुख्य मुकाबला रालोद-सपा गठबंधन प्रत्याशी गुलाम मोहम्मद और भाजपा के मनिंदरपाल सिंह के बीच है, मगर जीत का ताज किसके सिर सजेगा यह आज वोटों की गिनती में तय हो जाएगा।
ये है पिछले चुनावों का इतिहास
सिवालखास विधानसभा सीट पर पिछले चार चुनावों की बात करें, तो वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में यह सुरक्षित सीट थी। इस चुनाव में रालोद के रणवीर राणा ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद वर्ष 2007 के चुनाव में इस क्षेत्र के मतदाताओं ने हाथी की सवारी की और बसपा के विनोद हरित को विधानसभा में चुनकर भेजा था। साल 2012 में सामान्य सीट होने के बाद पहली बार चुनाव में सपा के गुलाम मोहम्मद ने रालोद को हराकर जीत का स्वाद चखा था। इस सीट पर वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में फिर बदलाव हुआ और इस बार यहां भाजपा का खाता खुला। भाजपा के जितेन्द्र सिंह सतवाई ने कमल खिलाते हुए सपा की साइकिल की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया और जीत दर्ज कर यहां से विधायक बने।
इस बार यहां दो दलों में सीधा टक्कर
विधानसभा चुनाव में इस बार सिवालखास सीट पर दो दलों के बीच सीधी लड़ाई है। इसमें रालोद और भाजपा मुकाबले में हैं। जबकि बसपा-कांग्रेस चुनाव में वजूद बचाने को संघर्षरत हैं। हालांकि संभावना है कि इस बार चुनाव में रालोद का नल यहां भाजपा के कमल पर भारी पड़ सकता है। हालांकि भाजपा और रालोद दोनों ही दल अपनी-अपनी जीत का मजबूत दावा ठोक रहे हैं। सिवालखास सीट पर इस बार की चुनावी जंग कौन जीतेगा यह आज वोटों की गिनती के बाद आने वाले नतीजे तय कर देंगे।
नायब शहर काजी ने की शांति की अपील
आज मतगणना है और हर सियासी दल एवं आमजनता की नजर मतगणना के रुझान व परिणाम आने पर रहेगी। आज के मतगणना दिवस को मद्देनजर रखते हुए नायब शहर काजी एवं शहर जमियत के अध्यक्ष जैनुर राशिद्दीन ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि वह इस मौके पर शहर में शांति बनाये रखने के लिये जिला प्रशासन का पूरा सहयोग करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। ऐसे मौके पर अराजक तत्व अफवाह फैलाकर शांतिभंग करने का प्रयास कर सकते हैं, इसलिये ऐसे तत्वों पर नजर रखें और इसकी सूचना जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी एवं पुलिस को दें। नायब शहर काजी ने कहा कि यह शहर सब का है। इसलिये शहर की शांति बनाये रखने के लिये सब की जिम्मेदारी है और सभी शहरवासी आपसी सौहार्द बनाये रखें।

