- स्टेडियम में लंबे समय से उठ रही सिंथेटिक ट्रैक की मांग
- 2021 में तत्कालीन आरएसओ ने स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद निगम को भेजा था प्रस्ताव
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: खेल नगरी के नाम से मशहूर हो चुके मेरठ के कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक लगाने की मांग लंबे समय से उठ रही है। इसके लिए खिलाड़ी शासन के उदासीन रवैये को जिम्मेदार बताते है जबकि सच्चाई इससे जुदा है।
2021 में तत्कालीन आरएसओ आले हैदर ने मेरठ को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल होने के बाद नगर निगम को पत्र लिखा था जिसमे अन्य शहरों के साथ यहां पर भी स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक लगाने को कहा गया था, लेकिन निगम की लापरवाही के चलते आजतक भी यह मांग पूरी नहीं हो सकी है।

गत छह जनवरी 2021 को राजकीय निर्माण निगम ने पत्र जारी कर मेरठ नगर निगम को 868 करोड़ की लागत से मेरठ में काम करने के लिए कहा था। इसमे कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में 400 मीटर एथलेटिक्स सिंथेटिक ट्रैक लगाने का प्रपोजल भी शामिल था। तत्कालीन आरएसओ ने सिंथेटिक ट्रैक की लागत 774 करोड़ 42 लाख बताई थी,
लेकिन निगम ने आज तक भी मेरठ को स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद सिंथेटिक ट्रैक की फाइल को अपनी योजना में शामिल नहीं किया है। जिन जिलों को नगर निगम की स्मार्ट सिटी योजना में शामिल किया गया था उनमें मेरठ समेत मथुरा-वृंदावन, गाजियाबाद, फिरोजाबाद, अयोध्या फैजाबाद, शाहजहांपुर, गोरखपुर का नाम शामिल है। वहीं स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत ही मेरठ में सिंथेटिक ट्रैक लगाया जाना है जिसकी गेंद अब शासन के नहीं मेरठ नगर निगम के पाले में है।
डेढ़ साल से स्टेडियम में सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक बिछाने की फाइल व एस्टिमेट नगर निगम के पास है, लेकिन निगम के अधिकारियों के उदासीन रवैये की वजह से फाइल धूल फांक रही है। कई बार निगम के अधिकारियों से कहा गया है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। अब इस मामले को लेकर कमिश्नर से बात की जाएगी।
-योगेन्द्र पाल सिंह, प्रांतीय क्रीड़ा अधिकारी

