- किसानों के समर्थन में सपाइयों की आज जनपद में थी पदयात्रा
- सपा जिलाध्यक्ष को पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने रोका
मुख्य संवाददाता |
बागपत: सपाइयों की पदयात्रा से पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अल सुबह ही सपा जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान के घर को पुलिस ने छावनी के तब्दील कर दिया है और उन्हें घर मे ही नजरबंद कर दिया है। सपाइयों और पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई।
सपा मुखिया अखिलेश यादव के निर्देश पर आज जिले में किसानों के समर्थन में पदयात्रा और फिर हाईवे जाम का कार्यक्रम था। सपाइयों ने सुबह ही पदयात्रा की शुरुआत करने की तैयारी की तो पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मय फोर्स सपा जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान के घर पहुंचे और घर को छावनी में तब्दील कर दिया।

पुलिस प्रशासन ने सपाइयों को जिलाध्यक्ष के घर पर ही नजरबंद कर दिया है। सपाइयों ने पदयात्रा करने की शुरुआत करने की कोशिश की तो अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया। जिस पर सपाइयों व अधिकारियों में नोकझोंक भी हुई।अधिकारियों ने कहा है कि इसकी कोई अनुमति नहीं है। कोरोना का हवाला भी अधिकारी दे रहे है।
सपा नेता भी पदयात्रा निकालने की पूरी तैयारी कर चुके है। अधिकारियों ने भारी फोर्स तैनात कर दिया है। सपा जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान का कहना है कि सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन लगा हुआ है। किसानों की आवाज को सरकार दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि आज किसान कड़ाके की ठंड में सड़कों पर है, लेकिन सरकार को कोई चिंता नहीं है।

विपक्षी दलों को रोकने के लिए सिस्टम को लगा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार इतना दम अपराध को कंट्रोल करने में लगाती तो जनता अपने आप को सुरक्षित महसूस करती। इस दौरान भारी संख्या में सपा नेता भी मौजूद है।
तानाशाही दिखा रही सरकार: सीमा
महिला सभा की जिलाध्यक्ष डॉ सीमा यादव ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के समर्थन में आने से रोक रही है। किसानों की आवाज दबाने का काम किया जा रहा है। सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। हर व्यक्ति को अपनी आवाज उठाने का हक है, लेकिन सरकार किसी को बोलने नहीं देना चाहती है। सरकार कितना जोर लगा ले सपाइयों के कदम पीछे नहीं हटेंगे।

