Monday, June 17, 2024
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsBaghpatप्रदेश सरकार अपराध रोकने में नाकाम: ढाका

प्रदेश सरकार अपराध रोकने में नाकाम: ढाका

- Advertisement -
  • रालोद के मंडल महासचिव ओमबीर ढाका ने पार्टी कार्यालय पर की पत्रकारों से बातचीत
  • कहा, कृषि कानूनों से किसान को बर्बाद करने की नीति अपना रही सरकार

मुख्य संवाददाता |

बागपत: रालोद के मंडल महासचिव ओमबीर ढाका ने कहा कि आज प्रदेश में अपराध चरम सीमा पर है। भाजपा सरकार ने ढोल पीटा था कि अपराध को कम किया जाएगा, लेकिन अपराध बढ़ने के अलावा कुछ नहीं हुआ है। आज महिलाओं का घर से निकलना भी दुभर हो गया है। प्रदेश सरकार अपराध रोने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। इसके अलावा किसान विरोध होने का भी परिचय सरकार दे रही है।

रालोद के मंडल महासचिव ओमबीर ढाका ने शुक्रवार को बागपत नगर स्थित पार्टी कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में अब ठोको सरकार चल रही है। अपराधियों की बजाय बेगुनाहों को ठोका जा रहा है।

अपराधी खुलेआम सिस्टम को चुनौती दे रहे हैं। प्रदेश में बलात्कार, हत्या, लूट, डकैती की घटनाएं आए दिन बढ़ रही हैं। महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। महिलाओं व बालिकाओं के साथ जघन्य अपराध किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार अपराध को कंट्रोल करने में विफल हो रही है।

अपराध चरम सीमा पर है। ओमबीर ढाका ने कहा कि अपराध में रोकने में नाकाम सरकार को नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान भी आज परेशान है, लेकिन भाजपा सरकार को इसकी चिंता नहीं है। किसान सड़कों पर रहने को मजबूर है।

दिल्ली के चारों तरफ धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार किसानों की मांग मानने को तैयार नहीं है। किसान को बर्बाद करने वाले तीनों कृषि कानून सरकार की किसान विरोधी होने की नीति का परिचय देते हैं। किसान को पूंजीपतियों के हाथ में सौंपने की तैयारी चल रही है।

किसान की फसल किसान की नहीं होगी। पूंजीपतियों की मंडियां पहले ही तैयार कर ली गई है, लेकिन किसान को फसल के वाजिब दाम नहीं मिलते हैं। किसान आज कर्ज में डूबने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहा है। किसान हितैषी होने का ढोल पीटने वाली सरकार हकीकत में उसके खिलाफ है। उन्होंने कहा कि किसान ही एक अकेला ऐसा है जिसे फसल की कीमत समय पर नहीं मिलती।

गन्ने की फसल को डालकर किसान घर आ जाता है और भुगतान का इंतजार करना पड़ता है। भुगतान सालभर तक भी नहीं मिलता। जबकि किसान को नगद पेट्रोल, डीजल, खाद, बीज आदि खरीदना पड़ता है। उन्होंने कहा कि रालोद अब सड़कों पर लड़ाई लड़ने को तैयार है और किसान विरोधी सरकार का चिट्ठा भी किसानों के सामने रख रहा है। पार्टी नेता जयंत चौधरी लगातार किसान की आवाज को उठा रहे हैं और आगे भी मजबूत तरीके से उठाते रहेंगे। इस दौरान इकबाल, निसार, विक्रम पांचाल, योगेंद्र, अमित आदि उपस्थित रहे।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Recent Comments