जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: एक दिन की छुट्टी के बाद, बुधवार को घरेलू शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 78,270.42 तक पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,280.90 के उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा था। बैंक और रियल्टी सेक्टर में लगभग 2% की तेजी देखी गई।
अमेरिकी और ईरानी वार्ता से बाजार को बढ़ावा
बाजार में यह तेजी अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता फिर से शुरू होने की उम्मीदों के बीच आई। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गईं, जिससे ऊर्जा आयात पर भारत की निर्भरता कम होने की उम्मीद बढ़ी।
शुरुआती कारोबार में प्रमुख शेयर
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान पर रहे। इंटरग्लोब एविएशन, इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एटर्नल, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फाइनेंस प्रमुख लाभ कमाने वाली कंपनियां थीं।
ब्रेंट क्रूड तेल 0.26% बढ़कर 95.04 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
अमेरिकी बाजार का रुख
अमेरिकी शेयर बाजार भी सकारात्मक रहा। नैस्डैक कंपोजिट में 1.96%, एसएंडपी 500 में 1.18% और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.66% की वृद्धि हुई। विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका-ईरान और इजरायल-लेबनान वार्ता की फिर से शुरुआत और ब्रेंट क्रूड में गिरावट बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
निवेशक रुझान और मुद्रा पर असर
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को 1,983.18 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,432.30 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। रुपया डॉलर के मुकाबले 20 पैसे मजबूत होकर 93.15 पर पहुंच गया।
सोमवार को बाजार में सेंसेक्स 702.68 अंक गिरकर 76,847.57 पर और निफ्टी 207.95 अंक गिरकर 23,842.65 पर बंद हुआ था। यह गिरावट पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण हुई थी।

