- मुख्यमंत्री पोर्टल पर भेजी गई अफसरों की शिकायत
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: भले ही सूबे के मुखिया गौवंश को लेकर सार्थक कदम उठा रहे हों, लेकिन जनपद में अफसरशाही सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। आवारा पशु जहां पेट भरने के भोजन को तरस रहे है, वहीं खेतों में खड़ी गेंहूं की फसलों को नष्ट कर किसानों को बर्बाद करने का काम कर रहे हैं। दरअसल सरकार ने आवारा पशुओं व गौवंश के गौशाला की व्यवस्था कराने के साथ-साथ हर ब्लाक स्तर पर पशुओं के रख रखाव की जिम्मेदारी दी हुई है।
लेकिन, जनपद के बघरा ब्लाक के गांव पीनना में बेसहारा गोवंश भारी संख्या में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं प्रशासनिक अधिकारी कोई कार्यवाही करने को तैयार नहीं है बेसहारा गोवंश को गौशाला में नहीं पहुंचाया गया। किसान की गेहूं की फसल को बेसहारा गोवंश बर्बाद कर रहे हैं समाजसेंवी सुमित मलिक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि अफसरों की लापरवाही के चलते कई गांव में दर्जन भर बेसहारा गोवंश किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
सुमित मलिक का कहना है कि सरकार के द्वारा जनपद में कई गौशाला बनाई गई लेकिन बड़े दुर्भाग्य की बात है गांव में काफी बेसहारा गोवंश दर-दर भटक रहे हैं, जो लापरवाह अफसरों की देन है। बार बार बताने के बाद भी कुछ अधिकारी इसे हल्केपन से ले रहे हैं। उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि दो दिन में बेसहारा गोवंश को गौशाला में बीडीओ एडीओ पंचायत बघरा बेसहारा गोवंश को नहीं पहुंचाते तो गांव पीनना के किसान अधिकारियों के दफ्तर में पशुओं को बांधने का काम करेंगे।
अटैच सहारनपुर, वेतन मुजफ्फरनगर से
गांव पीनना में तैनात पशु चिकित्सक को 2 वर्ष पूर्व सहारनपुर सें अटैच कर दिया गया जबकि डॉक्टर का वेतन मुजफ्फरनगर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय से दिया जा रहा है। इस मामले की शिकायत भी मुख्यमंत्री से करते हुए समाजसेवी सुमित मलिक ने कहा कि गांव के बेसहारा पशु एक्सीडेंट, बीमारी व दुर्घटना के चलते मर रहे हैं अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं।
कई बार गांव वालों ने बेसहारा गोवंश को कुए से निकालकर उसका उपचार कराया यदि सरकारी डॉक्टर पीनना में उपलब्ध होता तो बेसहारा पशुओं को सही उपचार मिलता, लेकिन कुछ अधिकारी निजी स्वार्थ के चलते सरकारी डॉक्टर को सहारनपुर भेज कर विभाग को गुमराह कर रहे हैं। जिससें पीनना के किसानों में रोष बढ
रहा है।

