Sunday, March 15, 2026
- Advertisement -

जानिए, जब सिने स्टार सुनील शेट्टी का छलक उठा दर्द

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: सुनील शेट्टी बोले, ‘बहुत बुरा लगता है। ये मेरी इंडस्ट्री है जहां मैं काम करता हूं और अपने काम की पूजा करता हूं। ऐसा नहीं है कि 5 एक्टर्स और डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स ने इस इंडस्ट्री को बनाया है। कई फेडरेशन और लाखों वर्कर्स ने मिलकर इंडस्ट्री को बनाया है। आप गटर नहीं बुला सकते किसी चीज को, आप गंदे लोग नहीं बोल सकते। यह बिल्कुल सही नहीं है।’

बॉलीवुड में इन दिनों नेपोटिज्म को लेकर बहस तेज हैं। इस मुद्दे पर अब सुनील शेट्टी ने अपना रिएक्शन दिया है। सुनील शेट्टी का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्यों सब इतना कड़वा हो गया।

सुनील शेट्टी ने बताया कि देश में और भी कई फिल्म इंडस्ट्री हैं, लेकिन हिन्दी इडंस्ट्री ही हमेशा लाइमलाइट में रहती है। उन्होंने कहा, ’12 स्टेट्स फिल्म्स बनाती है तो कैसे सिर्फ यह इंडस्ट्री बुरी हो सकती है?

दूसरी इंडस्ट्री में क्यों नहीं दिक्कतें होती? ये बहुत ही खूबसूरत जगह है। एक पतली लाइन होती है क्रॉस करने के लिए, लेकिन आप उस लाइन के अंदर रहें न। तो इस इंडस्ट्री को लेकर गलत बोलना सही नहीं है। हमने कई सालों से मिलियन लोगों को एंटरटेन किया है और आगे भी करते रहेंगे।’

सुनील शेट्टी ने अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स को लेकर कहा था, ‘मैं अब जवान नहीं रहा और बूढ़ा दिखता नहीं इसलिए मुझे पिता के किरदार नहीं मिलते। मैं अब हीरो बन नहीं सकता। इस उम्र में आकर फिल्मों में सही किरदार का चयन करना वह भी अपनी उम्र के हिसाब से, ये काफी मुश्किल होता है।’

सुनील शेट्टी ने कहा था, ”मैं अब कई सारे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा हूं। दक्षिण भारतीय फिल्म, हिंदी फिल्म के आलावा मैं कुछ वेब सीरीज भी कर रहा हूं। बस यही मेरा प्लान हैं, देखते हैं कि ये कितना सफल होता है।’

सुनील की फिल्मों की बात करें तो वह इस साल रिलीज रजनीकांत की फिल्म दरबार में नजर आए थे। इसमें सुनील के काम को बहुत पसंद किया गया था। फिल्म का निर्देशन एआर मुरुगदास ने किया था।

अब सुनील गैंगस्टर-ड्रामा फिल्म मुंबई सागा में दिखेंगे। यह एक मल्टीस्टार फिल्म है। जॉन अब्राहम, इमरान हाशमी, प्रतीक बब्बर, रोहित रॉय, गुलशन ग्रोवर, अमोल गुप्ते, जैकी श्रॉफ जैसे सितारे इस फिल्म का हिस्सा हैं। इसकी शूटिंग कंप्लीट हो चुकी है। शायद इस साल फिल्म को रिलीज किया जा सकता है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

सिलेंडर बिन जलाए रोटी बनाने की कला

मैं हफ्ते में एक दिन आफिस जाने वाला हर...

सुरक्षित उत्पाद उपभोक्ता का अधिकार

सुभाष बुडनवाला हर वर्ष 15 मार्च को विश्व भर में...

पुराना है नाम बदलने का चलन

अमिताभ स. पिछले दिनों, भारत के एक राज्य और कुछ...

IAF Agniveer Vayu: खिलाड़ियों के लिए एयरफोर्स भर्ती, जानें आवेदन शुरू होने की तारीख

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना ने अग्निवीर...

Delhi Fire: दिल्ली के नेचर बाजार में भीषण आग, 40 दुकानें जलकर खाक

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: रविवार सुबह दिल्ली के अंधेरिया...
spot_imgspot_img