- चार विधानसभा क्षेत्र में मिली बढ़त से भी कवर नहीं हो सका 96 हजार 113 मतों का फासला
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेरठ कैंट विधानसभा सीट एक बार फिर भाजपा की नैया पार लगाने का जरिया बनी, और राम का चरित्र निभाने वाले भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल को सांसद बनाने का में अहम भूमिका निभाई। इन सबके बीच कैंट क्षेत्र से सपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा को 65 हजार 779 वोट मिलना अपने आप में बड़ी बात मानी जा रही है। मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल 10585 वोटों के अंतर से जीत दर्ज करा पाए। इस बीच किठौर, मेरठ शहर, दक्षिण और हापुड़ विधानसभा क्षेत्रों में सुनीता वर्मा उनसे बहुत आगे रहीं।
भाजपा की छपरौली कहे जाने वाला मेरठ कैंट एक ऐसा क्षेत्र रहा, जो अरुण गोविल की जीत का आधार बना। यहां भाजपा को एक लाख 61 हजार 892 वोट मिले, जबकि सुनीता वर्मा 65779 वोट पाकर कैंट में 96 हजार 113 वोटों से पिछड़ गर्इं। वैसे भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले कैंट क्षेत्र में सपा के टिकट पर 65779 वोट पाना भी किसी प्रत्याशी के लिए छोटी बात नहीं कही जा सकती। उन्हें कैंट क्षेत्र में पड़ने वाले अब्दुल्लापुर, गोला बार्डर रोहटा रोड समेत दलित और मुस्लिम बाहुल्य बूथों पर भरपूर वोट मिले हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि किठौर समेत कुछ ठाकुर बाहुल्य बूथों पर भी सुनीता वर्मा को करीब 12 हजार वोट मिले हैं।
इसके अलावा हापुड़ क्षेत्र के जाट बाहुल्य बूथों की गणना के आंकड़ों के आधार पर करीब 10-12 हजार जाट वोट मिलने का दावा भी किया गया है। अलबत्ता इन्हीं दोनों विधानसभा क्षेत्र के बूथों पर मिले वोटों के आधार पर सपा नेता यह मानकर चल रहे हैं कि सुनीता वर्मा को दलित समाज का अपेक्षित वोट नहीं मिल सका है। उनका अनुमान है कि किठौर और हापुड़ क्षेत्र के 50 प्रतिशत से अधिक दलित समाज ने बसपा प्रत्याशी के लिए वोट किया है। जबकि ओवरआॅल 15 प्रतिशत तक दलित वोट भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल को भी मिलने का अनुमान लगाया गया है।
करारी हार तलाशने में जुटे बसपाई
मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर बसपा प्रत्याशी की करारी हार के कारणों का पता लगाने में अब पार्टी के नेता जुट गए हैं। पार्टी के नेताओं ने बसपा से मतदाताओं की दूरी बनाने की वजह जानने को कुछ क्षेत्रों के प्रबुद्ध लोगों से संपर्क किया। शीघ्र पार्टी के पार्टी के कार्यकर्ताओं की बैठक करके बूथवार समीक्षा भी की जाएगी। मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर एनडीए गठबंधन की ओर से भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़े अरुण गोविल को 544375 वोट पाकर जीत हासिल की।
अरुण गोविल ने इंडिया गठबंधन की ओर से सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ी सुनीता वर्मा को हराया। सुनीता को 5,35,809 वोट मिले। जबकि तीसरे स्थान पर बसपा प्रत्याशी देवव्रत त्यागी रहे। उन्हें कुल 86,693 वोट मिले। इस सीट पर बसपा का प्रदर्शन इस बार बहुत खराब रहा। बसपा का अपना दलित वोट बैंक भी इस बार पूरी तरह छिटक गया। करारी हार के बाद अब बसपा के नेता चुनाव में मतदाताओं की बसपा से दूरी का पता लगाने में जुट गए हैं।
बसपा के मंडल प्रभारी शाहजहां सैफी का कहना है कि बसपा प्रत्याशी को इतनी कम वोट मिलेंगी, ऐसी उम्मीद नहीं थी। इसका पता लगाया जा रहा है। कुछ प्रबुद्ध लोगों से भी बातचीत की जा रही है। बसपा के जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह का कहना है कि चुनाव में बसपा प्रत्याशी को उम्मीद से कहीं कम वोट मिले। इसकी वजह का पता लगाया जा रहा है। शीघ्र पार्टी के कार्यकर्ताओं की बैठक कर बूथवार समीक्षा की जाएगी।

