जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: लुधियाना के गांव ससराली में सतलुज दरिया ने भारी तबाही मचानी शुरू कर दी है। शुक्रवार देर रात धुस्सी बांध का बड़ा हिस्सा टूट गया, जिससे दरिया का पानी तेजी से रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ गया। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने ससराली सहित 15 गांवों में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। गुरुद्वारों से अनाउंसमेंट कर लोगों को बच्चों और पशुओं के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने की सलाह दी गई।
बांध के हालात बेहद गंभीर, सेना और प्रशासन जुटे राहत कार्यों में
जानकारी के अनुसार, बांध में पहले दरारें आई थीं जिन्हें बुधवार को भर दिया गया था, लेकिन लगातार पानी के दबाव ने मिट्टी को कमजोर कर दिया और शुक्रवार रात को बांध का लगभग 50% हिस्सा टूट गया। प्रशासन ने हालात को देखते हुए ससराली, बूंट, रावत, हवास, सीड़ा, मंगली, टांडा, ख्वाजके, मत्तेवाड़ा समेत 15 गांवों को अलर्ट पर रख दिया है।
रातभर ग्रामीणों ने दी बांध की पहरेदारी, अब सेना ने संभाला मोर्चा
स्थानीय युवकों ने रातभर बांध की निगरानी की और पानी रोकने की कोशिशें जारी रखीं। शनिवार सुबह होते ही पंजाब पुलिस और सेना ने लोगों को बांध के पास जाने से मना कर दिया और खुद मोर्चा संभाल लिया। मांगट कॉलोनी सहित अन्य इलाकों में लोगों ने भी खुद से अस्थायी बांध बनाने शुरू कर दिए हैं।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी: इन इलाकों में रहें सतर्क
प्रशासन ने राहों रोड, चंडीगढ़ रोड, मत्तेवाड़ा स्कूल, खाली कलां मंडी, भूखड़ी स्कूल सहित कई स्थानों पर राहत केंद्र बनाए हैं और लोगों से वहीं पहुंचने की अपील की है। डीसी हिमांशु जैन ने बताया कि ससराली में तीन पॉइंट्स पर पानी का दबाव है, जिनमें से एक की स्थिति बेहद नाजुक है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न देने की बात कही है।
बाढ़ का राज्यव्यापी असर: 45 मौतें, 1.72 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद
पंजाब में बाढ़ ने अब तक 45 लोगों की जान ले ली है, जबकि तीन लोग अब भी लापता हैं। राज्य के 1948 गांव प्रभावित हैं और 3.84 लाख लोग इस आपदा से जूझ रहे हैं। 1.72 लाख हेक्टेयर फसल पानी में डूब चुकी है, सबसे ज्यादा नुकसान गुरदासपुर (40169 हेक्टेयर) और फाजिल्का (18073 हेक्टेयर) में हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, खेतों में जमी गाद अगली फसल के लिए बड़ी चुनौती बनेगी।
राहत व बचाव में जुटी टीमें, अब तक 21929 लोगों का रेस्क्यू
सेना, एनडीआरएफ, बीएसएफ और अर्धसैनिक बलों की कुल 49 टीमें राज्य भर में राहत कार्यों में लगी हुई हैं। अब तक 21929 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। 196 राहत केंद्रों में बाढ़ पीड़ितों को शरण दी गई है।
सेना ने दूल्हे की शादी बचाई
एक भावुक पल में, गुरदासपुर के गांव चौंतरा में शादी की तैयारियों के बीच रावी दरिया का पानी भर गया। जब परिवार को लगा कि शादी नहीं हो पाएगी, तब सेना की 270 इंजीनियर रेजीमेंट के जवान नाव से पहुंचे और दूल्हे समेत 11 रिश्तेदारों को सुरक्षित निकालकर शादी स्थल तक पहुंचाया।

