Tuesday, April 21, 2026
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Tag: गिलहरी

अंधेरे के बीच

अमृतवाणी एक था चूहा, एक थी गिलहरी। चूहा शरारती था। दिन भर 'चीं-चीं' करता हुआ मौज उड़ाता। गिलहरी भोली थी। 'टी-टी' करती हुई इधर-उधर...
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