Tuesday, March 31, 2026
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Tag: जाति

जंगलराज में सभ्यता

पढ़े-लिखे आधुनिक समाज में जंगल को बर्बरता, असभ्यता और पिछड़ेपन का ऐसा प्रतीक माना जाता है जिसमें ‘सर्वाइवल ऑफ दि फिटेस्ट’ यानि ‘सक्षम की...

मुक्त चिंतन हिंदुत्व का मूलाधार है

विश्व मानवता तनावग्रस्त है। रूस-यूक्रेन युद्ध का प्रभाव विश्व व्यापी है। तनाव का उपचार भारतीय चिंतन में है। संस्कृति में है। समूचे विश्व को...

ईडब्ल्यूएस आरक्षण और गरीबी का दोहरा मापदंड

सुप्रीम कोर्ट को न्याय का मंदिर कहा जाता है। लेकिन अब इस न्याय के मंदिर पर लोगों की उंगलियां उठने लगी हैं। सुप्रीम कोर्ट...

निजी नौकरियों में स्थानीय आरक्षण

आज बढ़ती बेरोजगारी और लोगों के असंतोष से जूझते हुए कई राज्य जिसमें महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, झारखंड और हरियाणा हाल के...
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हम उस युग में रह रहे हैं जिसे विशेषज्ञ...

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लड़कियों को शिक्षित करने का महत्व

डॉ विजय गर्ग शिक्षा केवल एक मौलिक अधिकार नहीं...

कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना

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अर्थव्यवस्था के लिए बढ़ सकतीं हैं मुश्किलें

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