Saturday, March 7, 2026
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Tag: प्रकाश

देश प्रेम

एक बार एक चीनी दार्शनिक चाणक्य से मिलने आया। जब वह चाणक्य के घर पहुंचा तब तक काफी अंधेरा हो चुका था। घर में...

मन की दुविधा

एक व्यक्ति अक्सर रात में चांद को निहारता रहता था। वह चांद की सुंदरता और शीतलता के बजाय उसके दाग-धब्बों को देखकर सोचता कि...

अंधेरे के बीच

अमृतवाणी एक था चूहा, एक थी गिलहरी। चूहा शरारती था। दिन भर 'चीं-चीं' करता हुआ मौज उड़ाता। गिलहरी भोली थी। 'टी-टी' करती हुई इधर-उधर...
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अपने-अपने ‘एपस्टीन

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