Sunday, March 15, 2026
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दावेदारों की बढ़ी फौज तो सब वेटिंग में

  • अब 15 को होगी मेरठ सीट पर घोषणा
  • चौंकाने वाला होगा नाम अखिलेश खुद लेंगे निर्णय

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: समाजवादी पार्टी का मेरठ हापुड़ लोकसभा सीट पर टिकट को लेकर भारी घमासान मचा है। एक दर्जन से ज्यादा दावेदार देखकर खुद सपा सुप्रीमो भी भौंचक्क हैं। टिकट मांगने वालों की कतार में विधायक शाहिद मंजूर, विधायक रफीक अंसारी, विधायक अतुल प्रधान, पूर्व विधायक योगेश वर्मा, मुखिया गुर्जर, पूर्व मंत्री आकिल मुर्तजा, नीरज पाल, पूर्व पार्षद संगीता राहुल के साथ-साथ जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी ने भी खुद अपनी दावेदारी पेश की। लखनऊ पार्टी कार्यालय में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने सभी अपने अपने जीत के दावे करते रहे।

किसी एक नाम पर सहमति न बन पाने पर अखिलेश यादव ने मेरठ के टिकट को होल्ड पर डाल दिया है। अब सपा अध्यक्ष खुद 15 मार्च को प्रत्याशी के नाम का ऐलान करेंगे। यह नाम चौंकाने वाला होगा। सपा में मेरठ लोकसभा के टिकट को लेकर मारा-मारी मची हैं। इसी वजह ये है कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा हाजी याकूब कुरैशी से मात्र चार हजार मतों से ही जीत पाई थी। अब सपा के दिग्गज मान रहे है कि अच्छा मुकाबला भाजपा से होगा, लेकिन गैर मुस्लिम ही भाजपा को कड़ा मुकाबला दे सकता हैं, ये भी सब जानते हैं।

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मुस्लिम प्रत्याशी सपा उतारती है तो भाजपा की जीत की राह आसान हो जाएगी। ये भी सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव जानते हैं, लेकिन सपा के स्थानीय नेताओं ने अखिलेश को भ्रमित करने की कोशिश की हैं। सपा के लिए दलितों और मुस्लिमों को साथ लेकर चुनाव यदि किसी को लड़ा दिया तो भाजपा के लिए मुश्किल हो सकता हैं, ये भी संदेश सपा सुप्रीमो तक पहुंच रहा हैं। अब किसी वजूददार नेता पर भी अखिलेश यादव दांव लगा सकते हैं। दलित नेता भी ऐसा होना चाहिए, जो अपने दम पर वोट एकत्र कर सकें।

यदि हल्के दलित नेता को टिकट दिया तो सपा को फिर से मेरठ में मुंह की खानी पड़ सकती हैं। मेयर के चुनाव में अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान को अखिलेश यादव चुनाव मैदान में उतार चुके हैं, जिसके औवेसी प्रत्याशी के सामने जो हस्र हुआ, वो सबके सामने हैं। ये हालत भी फिर से हो सकती हैं। इन सभी बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए सपा को प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारना चाहिए।

बसपा से मुजफ्फरनगर से दारा सिंह, मेरठ से देवव्रत के नाम सुर्खियों में

मेरठ: बसपा ने बिजनौर लोकसभा सीट से बिजेन्द्र सिंह को प्रत्याशी बनाया हैं। अब तक बिजेन्द्र लोकदल के राष्टÑीय महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब बिजनौर का टिकट घोषित होते ही मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट से बसपा के प्रत्याशी को लेकर भी दारा सिंह प्रजापति का नाम उछल रहा हैं। दारा सिंह मूलरूप से गंगानगर के रहने वाले वाले हैं। प्रजापति समाज के लिए वह लड़ाई लड़ रहे थे। पिछले दिनों दिल्ली प्रदर्शन करने के लिए समाज के साथ जा रहे थे, तभी प्रजापति समाज पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था।

इसके बाद दारा सिंह प्रजापति भाजपा से खफा हो गए। हालांकि वह भाजपा से लंबे समय तक जुड़े रहे हैं, लेकिन वर्तमान में बसपा के हाथी पर सवार हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि बसपा सुप्रीमो मायावती दारा सिंह प्रजापति को लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बना सकती हैं। इसकी चर्चाएं चल रही हैं। दारा सिंह की किला रोड पर अवैध कॉलोनी पर मेडा ने दो बार बुलडोजर चला दिया था, इसके बाद भी दारा सिंह का नाम सुर्खियों में आ गया था। मेरठ से अभी बसपा ने किसी का नाम घोषित नहीं किया हैं।

पहले बदर अली, उसके बाद याकूब कुरैशी और अब देवव्रत त्यागी का नाम चल रहा हैं। बसपा सूत्रों का कहना है कि बसपा सुप्रीमो मायावती देवव्रत त्यागी को मेरठ लोकसभा सीट से प्रत्याशी घोषित कर सकती हैं। इसकी चर्चाएं भी खूब चल रही हैं। बसपा पहली बार गैर मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव में खड़ा कर भाजपा को बड़ा झटका दे सकती हैं। क्योंकि त्यागी समाज मूल रूप से भाजपा का वोटर हैं, ऐसे में त्यागी प्रत्याशी लोकसभा में आता है तो त्यागी बिरादरी के लोग बसपा के हाथी पर भी सवार हो सकते हैं।

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हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने की थी मेरठ में पढ़ाई

मेरठ: हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालने वाले नायब सैनी का मेरठ से भी गहरा रिश्ता रहा है। नायब सैनी ने चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से एलएलबी परीक्षा उत्तीर्ण की थी। लंबे समय तक नायब सैनी मेरठ में रहे और यहीं पर रहने के बाद एलएलबी उत्तीर्ण की थी। बताया गया की प्रभात नगर के एक मकान में नायब सैनी किराये के एक मकान में रहते थे और यहीं से एलएलबी की परीक्षा की तैयारी भी की थी। नायब सैनी ने यहां रहकर के शंकर आश्रम पर आना-जाना भी था। यहीं से आरआरएसएस से भी जुड़े रहे। उनके हरियाणा के मुख्यमंत्री की बागडोर संभालने के बाद मेरठ के लोगों ने भी खुशी जाहिर की है।

बदर अली को भवन खाली करने के निर्देश

मेरठ: दंगे, बलबे, हत्या का प्रयास व रंगदारी सहित 20 से अधिक मुकदमे और महिला से देहव्यापार कराने जैसे गंभीर आरोपों के चलते लोकसभा चुनाव में मेरठ-हापुड़ सभा सीट से बसपा के संभावित प्रत्याशी बदर अली व उसके परिवार के खिलाफ फैज-ए-आम कॉलेज प्रबंधन ने दो दिन के अंदर भवन खाली करने का डीआईओएस ने निर्देश दिया है। गौरतलब है कि बदर अली व उसका परिवार फैज-ए-आम इंटर कॉलेज के परिसर में बने प्रबंधन आवास में पिछले 50 सालों से निवासी है।

वर्तमान में बदर अली के परिवार का कोई सदस्य कॉलेज में अध्यापक व कर्मी के पद पर कार्यरत नहीं है। मामले में एरा गार्डन निवासी शमीम चौधरी ने मंडलायुक्त से की गई शिकायत पर डीआईओएस ने कॉलेज प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की। मामले की गंभीरता को देखते हुए फैज-ए-आम प्रबंधन व प्रधानचार्य ने बदर अली व उसके परिवार को दो दिन के भीतर भवन खाली करने का आदेश जारी कर दिया है। बदर अली बसपा से मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट के संभावित प्रत्याशी होने को लेकर चर्चा में है।

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