- दिल्ली रोड, घंटाघर व हापुड़ रोड पर भीषण जाम से हलकान हुए लोग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरकार की तीन दिन के लॉकडाउन की घोषणा के बाद शुक्रवार शाम को लॉकडाउन लगने से दो घंटे पहले शहर जाम हो गया। शहर के मुख्य मार्गों व बाजारों के हालात ऐसे थे कि पैदल निकलना भी मुश्किल था। दिल्ली रोड, घंटाघर व हापुड़ रोड पर जाम के कारण सड़कों पर वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई थी। वहीं बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थी। पुलिस भी शाम होते ही शहर के चौराहों से नदारद दिखाई दी।
कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। लेकिन इसके बावजूद लोग सरकार की गाइड लाइन का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे है। हालात ऐसे है कि नाइट कर्फ्यू होने से पहले लोगों में जरुरत का सामान खरीदने के लिए होड़ सी लग जाती है। वहीं सरकार ने गुरुवार को दो दिन के बजाय लॉकडाउन तीन दिन तक लगाए जाने की घोषणा कर दी।
जिसके बाद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और शुक्रवार शाम को लॉकडाउन शुरू होने से पहले ही शहर के मुख्य बाजारों व सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई। सड़कों पर हालात ऐसे थे कि यातायात पूरी तरह बेपटरी हो चुका था और वाहन धीरे-धीरे रेंगकर चल रहे थे। यातायात व्यवस्था को सुचारू कराने के लिए भी पुलिस चौराहों से नदारद दिखाई दी।
दिल्ली रोड व हापुड़ रोड के हालात शाम होते ही बदतर होने लगे थे और जैसे ही लॉकडाउन शुरू होने का समय आया तो लोगों में अपने घरों में घुसने के अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। वहीं बाजारों में सबसे ज्यादा भीड़ किराना की दुकानों, फलों व सब्जी की रेहड़ी पर देखी गई। जहां पर लोगों में जरुरत का सामान खरीदने के लिए होड़ लगी हुई थी।
शाम होते ही चौराहों से पुलिस हो गई नदारद
शाम होते ही शहर के चौराहों से पुलिस नदारद हो जाती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था भी रामभरोसे रहती है। पुलिस के चौराहों से नदारद होने के कारण यातायात व्यवस्था बेपटरी हो जाती है। शुक्रवार शाम को चौराहों के हालात ऐसे थे कि पैदल सड़क पार करने में भी घंटों का समय लग रहा था।
जाम लगने के कारण सड़कों पर वाहन धीरे-धीरे रेंग रहे थे। वहीं हर किसी को लॉकडाउन शुरू होने से पहले अपने घरों तक पहुंचने की जल्दी थी। एक-दूसरे से आगे निकलने की चाह में वाहन चालकों में बहसबाजी भी होती दिखाई दी। हांलाकि आठ बजने के बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो गई थी।

